Ranchi : झारखंड के पंचायती राज विभाग ने ग्राम स्तर पर प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा निर्देश जारी किया है. विभाग ने 15 जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर पेसा नियमावली, 2025 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने को कहा है.
जिन जिलों को पत्र भेजा गया है, उनमें रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा, गढ़वा और पलामू जिले शामिल हैं.
जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम प्रधान (विलेज हेडमैन) की पहचान पारंपरिक रीति-रिवाजों के आधार पर ही की जाएगी. मांझी, मुंडा, पाहन, महतो जैसे परंपरागत पदों को मान्यता देते हुए उसी आधार पर ग्राम प्रधान का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
विभाग ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को ग्राम प्रधान के रूप में मान्यता देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि उसका चयन स्थानीय परंपराओं और प्रचलित सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप हुआ हो. साथ ही, यदि किसी गांव में ग्राम प्रधान को लेकर विवाद या असमंजस की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित नियमों के तहत जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा.
बिना निर्धारित प्रक्रिया के किसी को भी मान्यता नहीं दी जाएगी. इसके अलावा सभी जिला प्रशासन को तय मानकों और एसओपी का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और सुव्यवस्थित प्रशासन कायम रह सके.
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