Chakradharpur (Shambhu Kumar): पश्चिमी सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित बंदगांव प्रखंड की चंपावा पंचायत अंतर्गत चाकोमटोनांग एवं जराकेल गांव में वर्षों से लंबित सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की बैठक मुखिया कानू तैसुन की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में सड़क निर्माण में हो रही देरी पर गहरा आक्रोश जताते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया.
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में तोमरोम से कोटिया तक 16 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी. ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया था, लेकिन मात्र दो दिन बाद वन विभाग ने एनओसी नहीं होने का हवाला देकर काम रुकवा दिया. तब से सड़क निर्माण पूरी तरह ठप है.
इससे करीब 20 गांवों के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह सड़क बंदगांव और गुदड़ी प्रखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है.
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर विधायक, सांसद और उपायुक्त को कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक एनओसी जारी नहीं की गई.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास, उपायुक्त कार्यालय, वन विभाग कार्यालय और आरईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-75 को भी अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा.
मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि सड़क के अभाव में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, स्कूली बच्चों की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के लाभ से ग्रामीण वंचित हो रहे हैं. उन्होंने वन विभाग से शीघ्र एनओसी जारी करने तथा कुंदरूगुटु से कोटागड़ा तक 15 किलोमीटर सड़क निर्माण की भी मांग की. बैठक में पंचायत समिति सदस्य फूलमनी मुंडरी, समाजसेवी संजय कंडिर, मानकी मुंडा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.
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