इस प्रोटेस्ट पिटीशन पर अदालत में आंशिक सुनवाई हुई. मामले में याचिकाकर्ता की ओर से बहस हुई, जो अगली सुनवाई कल यानी शुक्रवार को भी जारी रहेगी.
कोर्ट ने विनय के पिता को जारी किया था नोटिस
दरअसल सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय कुमार महतो की मौत मामले में सीबीआई की अंतिम प्रतिवेदन (क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल होने के बाद विनय के पिता मनबहाल महतो को अदालत ने नोटिस जारी किया था.
सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सह एसडीजेएम रूपम स्मृति टोपनो की अदालत ने आरसी केस संख्या 04/2022 में सुनवाई करते हुए मनबहाल महतो को 15 जून 2026 तक खुद व अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था.
अदालत ने यह आदेश सीबीआई द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को देखते हुए दिया था. बता दें कि 5 फरवरी 2016 में सफायर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में 13 वर्षीय छात्र विनय महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
सीबीआई ने हादसा होने की जताई थी संभावना
बीते दिनों सीबीआई ने बीते दिनों सीबीआई की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर मामले में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या की साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं पाई जाने की बात कही थी. सीबीआई ने इसे 'एक्सीडेंटल डेथ' यानी हादसा होने की संभावना जताई है.
अदालत से क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने का अनुरोध अनुसंधानकर्ता द्वारा किया गया था. सीबीआई ने 4 वर्ष से अधिक समय से सारी तकनीकी एवं वैज्ञानिक पहलुओं पर अनुसंधान के बाद इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी.
दरअसल , विनय महतो के पिता मनबहाल महतो ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हाईकोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जुलाई 2022 को मामले को सीबीआई को सौंप दिया था. इसके बाद सीबीआई ने मामले में अनुसंधान शुरू करते हुए सभी वैज्ञानिक एवं तकनीकी पहलुओं पर जांच की थी.
घटनास्थल का कई बार 'रिक्रिएशन' किया और स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का भी गहन अध्ययन किया था. सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की मानें तो 5 फरवरी 2016 की रात 1:01:14 बजे विनय महतो अपने बॉयज हॉस्टल से बाहर निकला था और महज 3 मिनट 48 सेकंड के भीतर यानी 1:05:02 बजे वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया.
रिपोर्ट में सीबीआई ने बताया है कि हॉस्टल और प्रिंसिपल के आवास के बीच लगे कैमरों में विनय का पीछा करता हुआ कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आया. स्टाफ क्वार्टर और हॉस्टल के बीच की दूरी लगभग 480 मीटर है.
रिपोर्ट में कहा गया था कि इतने कम समय में किसी के द्वारा उसे ले जाना या वहां कोई संघर्ष होना साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होता है. दूसरी ओर पुलिस ने शुरुआती जांच में स्कूल की ही एक शिक्षिका के नाबालिग बेटे को आरोपी बनाया था और इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला माना था.
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