Ranchi: रिम्स में प्रोटोकॉल ऑफिसर के पद पर आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया. आरक्षित श्रेणी में सफल घोषित उम्मीदवार निखिल तिर्की को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्त किया गया. हालांकि नियुक्ति के कुछ ही दिनों बाद अपरिहार्य कारणों से उसने त्यागपत्र दे दिया.
रिम्स में प्रोटोकाल ऑफिसर के दो पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन (908/11-6-2025) प्रकाशित किया गया था. लिखित परीक्षा के बाद रिम्स के प्रशासनिक पदाधिकारी के हस्ताक्षर से परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की गयी.

इसमें दो पदों के विरूद्ध पांच उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की गयी. इसमें चार सफल परीक्षार्थी आरक्षित वर्ग और एक अनारक्षित वर्ग के थे. आरक्षित वर्ग के सफल परीक्षार्थियों में जॉन कूलचंद तिग्गा, निखिल तिर्की, मिलन जोशी, अभिसुर रिशि शरण मुंडू का नाम शामिल था. अनारक्षित वर्ग के सफल परीक्षार्थी में कुमार सौरभ का नाम शामिल था.
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. इंटरव्यू के बाद सितंबर 2025 में नियुक्ति के लिए अंतिम सूची जारी की गयी. इसमें दो परीक्षार्थियों को सफल घोषित करते हुए नियुक्त किया गया. शेष तीन को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया. इंटरव्यू के बाद जिन दो परीक्षार्थियों को नियुक्ति के लिए चुना गया, उसमें निखिल तिर्की और अभिसुर रिशि शरण मुंडू का नाम शामिल था. मुंडू का चयन आरक्षित श्रेणी के रूप में किया गया. लेकिन निखिल तिर्की को आरक्षण के नियम का उल्लंघन कर आरक्षित श्रेणी के बदले अनारक्षित श्रेणी में किया गया.
रिम्स पर राज्य में लागू आरक्षण के नियम को मानने की बाध्यता है. राज्य में लागू आरक्षण के नियम के तहत आरक्षण का लाभ लेकर (फीस,उम्र सीमा में छूट) परीक्षा में सफल होने वाला कोई परीक्षार्थी अनारक्षित श्रेणी के पद पर नियुक्त नहीं हो सकता है. रिम्स द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में दो पदों से एक अनारक्षित और एक आरक्षित था. निखिल ने परीक्षा के दौरान आरक्षण का लाभ लिया था.
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