Lagatar Desk: भाजपा के शीर्ष नेता रहे मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि विश्वगुरु होना चाहिए. विश्वगुरु हम कभी थे. पर आज हम है, ऐसा नहीं है. हम आजकल जो मानता हूं, विश्वगुरु हमें बोलना नहीं चाहिए. जोशी ने मंगलवार को यह बात कही. वह संस्कृत को बढ़ावा देने वाली संस्था समसक्रिता भारती के एक कार्यक्रम के उदघाटन समारोह में थे. उनके बयान का वीडियो (आइएएनएस का) वायरल है.
मुरली मनोहर जोशी कभी भाजपा के शीर्ष नेता हुआ करते थे. बाद में उनके 75 साल की उम्र के बहाने उन्हें मार्गदर्शक मंडल में रख दिया गया. इसे लेकर सोशल मिडिया पर घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस के नेता बीवी श्रीनिवासन ने कहा है कि पहले हम विश्वगुरु थे, अब झालमुरी हैं. नहीं यकीन है तो भाजपा के कद्दावर नेता, मार्गदर्शक मंडल के सदस्य मुरली मनोहर जोशी को सुन लीजिये.
मुरली मनोहर जोशी ने कार्यक्रम में संस्कृत भाषा की सटीकता की तारीफ करते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वह इस भाषा को लिखें और धाराप्रवाह बोलें. उन्होंने परमाणु परीक्षण के समय जे रोबर्ट ओपनहैमर द्वारा भागवत गीता से दिये गये उद्धरण का जिक्र किया. उल्लेखनीय है कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद भाजपा के बड़े से लेकर छोटे नेता तक विश्वगुरु शब्द को बार-बार दोहराते हैं. अब विपक्षी दल इसी शब्द को लेकर जोशी के ताजा बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
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