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रांची ISBT का इंतजार और बढ़ा, नगर विकास विभाग ने तकनीकी खामियों के कारण लौटाई DPR

  • विभाग ने तकनीकी सुधार के साथ मांगी संशोधित रिपोर्ट 

Ranchi : राजधानी रांची को विश्वस्तरीय बस टर्मिनल (ISBT) की सौगात मिलने में अब थोड़ा और समय लगेगा. कांके के दुबलिया में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल बनना है. 

 

नगर विकास विभाग ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जुडको को वापस लौटा दी है. विभागीय समीक्षा में डीपीआर में कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी खामियां पाई गई हैं. विभाग ने इन कमियों को जल्द दुरुस्त कर संशोधित रिपोर्ट फिर से जमा करने के निर्देश दिए हैं. 

 

कई बार बदले गए प्लान 

आईएसबीटी परियोजना का सफर पिछले एक दशक में कई बदलावों के दौर से गुजरा है. साल 2008 में नामकुम सरवल से शुरू हुई यह योजना विरोध के कारण 2010-11 में सुकुरहुट्टू शिफ्ट हुई, लेकिन वहां फंड और विभागीय असहमति के कारण प्रस्ताव खारिज हो गया.

 

साल 2012 में सरवल और सुकुरहुट्टू के बीच फिर माथापच्ची हुई, जो बजट के पेच में अटक गई. 2016-17 के दौरान दुबलिया की जमीन चिह्नित हुई, मगर व्यापारियों के विरोध से मामला फिर टल गया.

 

साल 2021 में सरकार ने अंततः दुबलिया में ISBT की घोषणा की. 2022 में जमीन स्वीकृति के बाद जुडको ने दो बार टेंडर निकाले, पर कोई कंपनी नहीं आई. अब नई डीपीआर भी तकनीकी खामियों के चलते विभाग से वापस लौट आई है.

 

38 एकड़ में होगा निर्माण, मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

प्रस्तावित आईएसबीटी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. 38 एकड़ में फैले इस परिसर में यात्रियों के लिए वर्ल्ड क्लास वेटिंग लाउंज की व्यवस्था होगी. डिजिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को सुगम यात्रा की जानकारी दी जाएगी.

 

विशाल कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा, जिसमें शोरूम और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी. दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के रुकने के लिए आधुनिक डॉर्मिटरी और प्रीमियम होटल के साथ-साथ रेस्टोरेंट्स होंगे.

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