Search

 
 
 

बिहार के 18 जिलों में तेज आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी, यलो अलर्ट जारी

Lagatar Desk : मौसम विभाग ने उत्तर बिहार, उत्तर-पश्चिम बिहार और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है. इनमें सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर शामिल है.
 
बारिश
  • 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Lagatar Desk : बिहार में मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश से राहत नहीं मिल रही है. मौसम विभाग ने आज (9 अक्टूबर) को राज्य के 18 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी की मानें तो इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. साथ ही बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. 

 

इन 18 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने उत्तर बिहार, उत्तर-पश्चिम बिहार और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है. इनमें सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर शामिल है. 

 

इसे भी पढ़ें

10 और 11 अक्टूबर कहीं-कहीं हो सकती है बारिश

हालांकि राहत की बात यह है कि 10 अक्टूबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी का असर कम होने का अनुमान है.  मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर को कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है.

 

वहीं 11 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे किशनगंज जिले के एक-दो स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. पटना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में शनिवार से मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है. हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. 

 

मौसम बदलने के पीछे की वजह

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार के आसपास कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा सुपौल से होकर गुजर रही है. वहीं, पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.

 

इसके प्रभाव से पूर्वोत्तर बिहार से झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण का असर है. इन मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. 

 

आंधी और बिजली गिरने के दौरान क्या करें

मौसम विभाग ने खराब मौसम के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. खासकर किसानों, खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले स्थानों पर रहने वालों को अधिक सतर्क रहने को कहा गया है. 

- बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में खड़े न रहें

- पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें.

- खराब मौसम के दौरान सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर रहें.

- तेज हवा चलने पर कमजोर पेड़ों, होर्डिंग और ढीली वस्तुओं से दूर रहें.

- मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें. 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही