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पश्चिम एशिया संकट : BRICS+ समिट का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे मोदी, कांग्रेस ने हल्ला बोला

कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा, खुद को विश्वगुरु बताने वाले प्रधानमंत्री इस दिशा में पहल क्यों नहीं कर रहे हैं?जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि  पीएम मोदी  ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते.
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  • पीएम मोदी  ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते.
  • 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की जिम्मेदारी एक जनवरी को ब्राजील से भारत को मिली थी.
  • समिट में ठोस फैसले और आमने-सामने बातचीत ज्यादा प्रभावी होगी.

New Delhi : पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए BRICS+ समिट को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा. यह सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर हल्ला बोला है.

 

 

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया है पीएम मोदी अमेरिका और इजराइल को नाराज नहीं करना चाहते. बता दें कि ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब, ईरान और यूएई इसके सदस्य हैं.

 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर  पोस्ट कर कहा, भारत इस साल दिल्ली में 18वीं BRICS+ समिट की मेजबानी करेगा. है.  सरकार(मोदी) को पश्चिम एशिया संकट पर कूटनीतिक पहल के लिए इस मंच का इस्तेमाल करना चाहिए.

 

कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा, खुद को विश्वगुरु बताने वाले प्रधानमंत्री इस दिशा में पहल क्यों नहीं कर रहे हैं?जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि  पीएम मोदी  ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते.

 

याद दिलाया कि फोन कॉल के जरिए बातचीत की सीमाएं होती हैं. समिट में ठोस फैसले और आमने-सामने बातचीत ज्यादा प्रभावी होगी. तंज कसा कि पीएम मोदी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए विदेशी नेताओं से फोन पर बात कर रहे हैं.

 

लेकिन इस तरह की बातचीत की अपनी सीमाएं होती हैं. इसमें हमारे सुप्रीम लीडर के लिए न कोई गले मिलने का मौका होता है, न ही हाथ हवा में लहराने का मौका होता है और न ही ज्ञान देने वाले फोटो-ऑप्स की स्थिति बनती है. लेकिन शिखर सम्मेलन अधिक उपयोगी हो सकते हैं.

 

इसमें आमने-सामने की महत्वपूर्ण बैठकों के अलावा ठोस कदम भी उठाए जा सकते हैं.  याद करें कि कांग्रेस ने पिछले सप्ताह भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा था. आरोप लगाया था कि BRICS+ चेयर होने के बावजूद भारत द्वारा वेस्ट एशिया संघर्ष पर सामूहिक बयान जारी नहीं किया गया.

 

इस क्रम में 21 मार्च को भी कांग्रेस ईरान पर अमेरिकी-इजराइली  हमले की निंदा न करने के लिए मोदी सरकार पर हमलावर हुई थी. जान लें कि BRICS समिट 2026 की अध्यक्षता भारत के पास है.

 

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की जिम्मेदारी एक जनवरी को ब्राजील से भारत को मिली थी. 15 जनवरी को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया था.

 

 

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