Paris : पश्चिमी यूरोप जानलेवा गर्मी और हीटवेव की चपेट में है. खास कर फ्रांस सर्वाधिक प्रभाव में है. फ्रांस के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रविवार को आंकड़े जारी कर बताया कि अब तक भीषण गर्मी के कारण देश में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. गर्मी के कारण एसी की बिक्री में भारी उछाल आया है
फ्रांस के अलावा जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, डेनमार्क, इटली और स्विट्जरलैंड समेत 16 देशों में भीषण गर्मी से त्राहिमाम है. तापमान के कारण दशकों पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गये हैं,न्यूज एजेंसी AFP अनुसार रविवार को यूरोप के अधिकतर शहरों में 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान दर्ज किया गया. इन देशों में सड़कें पिघल रही हैं, स्कूल बंद किये जा रहे हैं. जंगलों में आग लग रही है.
फ्रांस के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है. इस कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. पब्लिक हेल्थ फ्रांस, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी है, उसने आधिकारिक बयान दिया है कि 24 जून के बाद से देश में मौतों की संख्या मेंअप्रत्याशित बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है.
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा, मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, वहां स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी रही. भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण मरने वालों में बड़ी संख्या बुजुर्ग शामिंल रहे. मरने वालों में 85 फीसदी लोग 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे.
स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार हीटवेव के दौरान सर्वाधिक मौतें अस्पतालों के बजाय के घरों में दर्ज की गयी हैं. पेरिस शहर औरआस-पास के महानगरीय इलाकों में समस्या विकराल देखी गयी.
एजेंसी सचेत किया कि बड़े शहरों में अकेले रह रहे वृद्ध और लाचार लोगों की इस मौसम में विशेष देखभाल की जानी चाहिए. एजेंसी ने चेताया कि अकेलेपन के कारण कई लोग समय पर मदद नहीं मांग सके और झुलसाने वाली गर्मी ने उनका शिकार कर लिया.
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