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पूर्व जज जस्टिस जे चेलमेश्वर ने यह क्या कह दिया...कॉलेजियम सिस्टम पर प्रश्नचिह्न लगा दिया

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को लेकर एक अहम खबर सामने आयी है. एक पूर्व जस्टिस के अनुसार कॉलेजियम बहुत अपारदर्शी तरीके से काम करता है. जजों के खिलाफ कोई आरोप सामने आता है तो अक्सर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. इससे आगे बढ़ कर कई जजों को आलसी करार दिया. कहा कि वे समय पर फैसले तक नहीं लिखते. कई तो ऐसे हैं, जिन्हें काम ही नहीं आता है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे चेलमेश्वर ने यह सब कहा है.जान लें कि जस्टिस चेलमेश्वर केरल के Bharatheeya Abhibhashaka Parishad द्वारा Is Collegium Alien To The Constitution विषयक राष्ट्रीय सेमिनार में बोल रहे थे. इसे भी पढ़ें : लोकतंत्र">https://lagatar.in/opposition-leader-gathered-in-delhi-to-save-democracy-rahul-gandhi-said-our-fight-will-continue/">लोकतंत्र

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जिस जज पर आरोप है, उसका ट्रांसफर कर दिया जाये 

इस क्रम में कहा कि जस्टिस ने कहा कॉलेजियम के सामने तमाम मामले आते हैं, लेकिन अक्सर कुछ नहीं होता है. अगर आरोप गंभीर हैं तो एक्शन लिया जाना चाहिए. सामान्य तरीका है कि जिस जज पर आरोप है, उसका ट्रांसफर कर दिया जाये. अपनी बातों पर जोर देते हुए कहा कि कई जज तो इतने आलसी हैं कि फैसले लिखने में सालों साल लगा देते हैं. अक्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि एक हाईकोर्ट के दो फैसलों को वापस भेज दिया गया, क्योंकि उसे समझ में ही नहीं आया कि आखिर फैसले में कहा क्या गया है. जस्टिस जे चेलमेश्वर ने कहा कि मैं इन सब बातों को लेकर ट्रोल भी किया जा सकता हूं. लोग कहेंगे कि रिटायरमेंट के बाद यह सब क्यों कह रहे हैं. लेकिन मेरी किस्मत में यही है. इसे भी पढ़ें :  एलआईसी">https://lagatar.in/lic-increases-stake-in-adani-shares-congress-furious-says-insurance-company-is-being-forced/">एलआईसी

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रिजिजू  पर बरसे, सिस्टम को कैसे इंप्रूव किया जाये, इस पर किसी का ध्यान नहीं है

जस्टिस जे चेलमेश्वर ने यही नहीं रुके, कानून मंत्री किरण रिजिजू के हालिया बयान पर बरसे. उन्होंने कहा कानून मंत्री ने हाल ही में 42वें संशोधन को लेकर एक स्टेटमेंट दिया. कहा कि ऐसे बयान सबके लिए खराब हैं. सिस्टम को कैसे इंप्रूव किया जाये, इस पर किसी का ध्यान नहीं है. याद करें कि र‍िज‍िजू ने जजों की न‍ियुक्‍त‍ि को लेकर कहा था क‍ि मूल रूप से संव‍िधान में यह अध‍िकार कार्यपाल‍िका ( सरकार) को द‍िया गया है. मौजूदा व्‍यवस्‍था में जजों की न‍ियुक्‍त‍ि कॉलेज‍ियम प्रणाली के जर‍िए होती है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया करते हैं. इसमें सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल होते हैं. हाई कोर्ट कॉलेजियम का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश करते हैं और 4 वरिष्ठ जज शामिल होते हैं. [wpse_comments_template]

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