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इंडिया एलायंस की बैठक में राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा!

Lagatar Desk: लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दो दिन पहले दिल्ली में हुई इंडिया एलायंस के दलों के नेताओं के समाने एक लंबी स्पीच दी. उन्होंने इसका ऑडियो भी जारी किया. स्पीच अंग्रेजी में है. इसे सुनना दिलचस्प है. लेकिन हिन्दी भाषी लोगों के लिए समझना मुश्किल. इसलिए कई लोगों ने उनके स्पीच का हिन्दी अनुवाद किया है. पढें, हिन्दी अनुवाद - संपादक

 

मैं आज यहां आए सभी लोगों का स्वागत करता हूं. आने के लिए धन्यवाद. कई साल पहले मेरी एक बहुत अच्छे दोस्त से बहस हुई थी. मैंने उससे कहा, "जो तुम कर रहे हो वो बिल्कुल अनफेयर है." उसका जवाब था- "दुनिया अनफेयर है. अब इसकी आदत डाल लो."

 

आज यहां कांग्रेस पार्टी के बारे में जो कुछ भी कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है. मेरा काम शिव परंपरा को अपनाना है- सब कुछ निगल जाना. नीले कंठ वाले शिव की तरह, जो सारा जहर पी जाते हैं.

 

आप चाहे जितना कहें, मुझ पर या कांग्रेस पर जितनी भी आलोचना करनी हो, हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे. हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका आपकी भूमिका से बुनियादी तौर पर अलग है. और यह मैं अहंकार से नहीं कह रहा हूं. मेरी भूमिका आप सबको प्यार और स्नेह से जोड़ने की है. मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहली चुनाव लड़ा था. 

 

हमारी पार्टी भारत की दूसरी सभी पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग तरीके से संगठित है. और मैं यह विनम्रता से कह रहा हूं. क्यों? क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में भी नहीं था. अन्य सभी पार्टियों के विपरीत, इसे भारतीय राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर खड़ा नहीं किया गया था. कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं.

 

हम RSS की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं. हम मर जाएंगे, कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे, लेकिन BJP या RSS के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे. इसके लिए हमें हमारे सिर काटने पड़ेंगे. मुझे पता है कि इस देश में लाखों-लाख कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जो कहेंगे- "हमारे सिर काट दो, हम RSS के सामने झुकेंगे नहीं."

 

मुझे अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है. भ्रम यह है कि आप- SP, TMC, RJD  यह मानते हैं कि अब तक जो राजनीतिक औजार आप इस्तेमाल करते आए हैं, वे आगे भी काम करेंगे.

 

दरअसल, वे तभी काम करते थे जब देश का सिस्टम उन्हें निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराता था. वो मैदान अब नहीं बचा है. BJP देश के संस्थानों पर कब्जा कर चुकी है. BJP कानूनी व्यवस्था को कंट्रोल करती है. BJP नौकरशाही को कंट्रोल करती है. खुफिया एजेंसियों को कंट्रोल करती है. BJP चुनाव आयोग को भी कंट्रोल करती है.

 

मेरे TMC में कई दोस्त हैं. वे मानते थे कि बंगाल में वे चुनाव जीत रहे हैं. मैं उन्हें बार-बार कहता रहा, तुम सपनों की दुनिया में हो. मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है. फिर भी आपमें से कई अभी भी आश्वस्त नहीं हैं. 

 

कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है. इसे भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है. बल्कि, जितना ज्यादा भारतीय राज्य के संस्थान दबाए जाएंगे, कब्जाए जाएंगे, कांग्रेस पार्टी उतनी ही आक्रामकता से भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी. हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं. वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा.


आप सोच रहे हैं कि चुनौती अगला चुनाव जीतने की है. अगला चुनाव तो पहले ही जीत लिया गया है. कृपया समझिए, भारत की जनता में इतना गुस्सा है कि अगला चुनाव पहले ही खत्म हो चुका है. समस्या RSS द्वारा भारतीय राज्य के औजारों पर कब्जा है. समस्या यह है कि आपको जीतने के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं मिलेगा. इसलिए हमें प्रतिरोध मोड में जाना होगा.

 

Resistance works. Resistance CBSE है. Resistance NEET है. Resistance पदयात्रा है. सुबह उठकर पूछो- मैं आज प्रतिरोध कैसे करूं? और प्रतिरोध करो. मैं आपको गारंटी देता हूं, यह काम करेगा.

 

मेरी नजर में, किसी भी तरफ से कोई भी आलोचना मैं खुशी से झेलने को तैयार हूं, क्योंकि मेरे लिए यह धार्मिक कर्तव्य है, आध्यात्मिक कर्तव्य है. यह अब राजनीति नहीं रही. इसलिए मैं आपको वादा करता हूं कि इस समूह को जोड़ने और सफल बनाने के लिए जितना भी अपमान सहने पड़ेंगे, मैं सहूंगा. आगे कैसे बढ़ें, यह बहुत सरल है. हमें एक खास विचार से दूर होना होगा.

 

ममता दी 100% तो नहीं, लेकिन 90% यकीन से कहती हैं कि उनका चुनाव चुराया गया. उद्धव जी 40% यकीन रखते हैं. मेरे भाई तेजस्वी 40%... सुनिए, 100% यकीन रखिए. चुनाव चुराए जा रहे हैं. अपने मन से सारे संदेह हटा दीजिए. समझिए कि सोशल मीडिया पर उपस्थिति बनाने में सालों लगते हैं. यह एक हफ्ते में ऑर्गेनिक नहीं होता. मेरे 1 करोड़ YouTube फॉलोअर्स हैं, लेकिन मेरा अकाउंट पूरी तरह दबाया गया है.


मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मुझे पागल होना पड़ेगा कि अचानक उठकर कहूं- "मैं तुमसे लड़ूंगा क्योंकि तुम हमारे सहयोगी हो, हमारे दोस्त हो, हम जिनसे प्यार करते हैं. 

 

"कृपया समझिए, हमने 2024 का चुनाव जीता था. हमने हारा नहीं था. आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए? वह मेरी वजह से नहीं, कांग्रेस की वजह से नहीं गए. और मैं आपको बताता हूं कि निकट भविष्य में वे कुछ औजार भी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि BJP और RSS भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं. 

 

कांग्रेस पार्टी ने 100 साल से ज्यादा पहले यही फैसला लिया था. 1927 से पहले हम एक राजनीतिक संगठन थे. गांधी जी ने जब स्वराज की मांग की, हम प्रतिरोध आंदोलन बन गए. अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है. Resistance works.

 

जहां हम प्रतिरोध करते हैं, वहां काम करता है. मैंने अपनी आंखों से देखा है. मैंने इस देश में 4000 किलोमीटर पैदल चला है. Resistance works. आपको राजनीतिक आर्किटेक्चर की जरूरत नहीं. नौकरशाही की जरूरत नहीं. खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं. आपको सिर्फ प्रतिरोध का कार्य चाहिए. मतलब, मैं प्रतिरोध करूंगा. मैं अन्याय नहीं होने दूंगा. बस. खत्म. यह एक भावना है, संगठन नहीं. यह सोचने का तरीका है. और चाहे हम पसंद करें या नहीं, हमें वहीं जाना होगा. माइंडसेट बदलना होगा. माइंडसेट अब यह होना चाहिए कि हम एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे. हम प्रेस को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे. हम प्रतिरोध करेंगे.


अगर आप यह सोच रहे हैं कि सोशल मीडिया निष्पक्ष है और विपक्ष को सपोर्ट मिल रहा है, तो आप दूसरी दुनिया में जी रहे हैं. पूरा आर्किटेक्चर- मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां, सब इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए संरेखित हैं. लेकिन यह सरकार टिक नहीं पाएगी. यह टिक नहीं पाएगी क्योंकि इसने हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है. इसने भारतीय लोगों के भविष्य को नष्ट कर दिया है.


 
अब जो आने वाला है (ईरान के बाद), वह अनियंत्रित है. और यह हमें जनता को संगठित करने का अवसर देगा. यह भी समझ लीजिए कि हम समन्वयित नहीं हैं, साथ नहीं काम करते- ये सब BJP और उनके मीडिया दोस्त फैला रहे हैं. यह सच नहीं है.

 

मैं DMK की गारंटी ले सकता हूं कि भारत के विचार की रक्षा में हर कोई इस कमरे में खड़ा होगा. हमारे बीच झगड़े हैं, लेकिन अगर आप मुझसे कहें कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाऊं, तो मैं नहीं कर सकता और नहीं करूंगा, क्योंकि मेरी उनसे राजनीतिक लड़ाई चल रही है. हमें लचीले होना होगा और समझना होगा कि हम पर पूरा हमला है. यह साबित करने के लिए कि विपक्ष कमजोर है, disorganized है. 

 

अंत में, मुझे लगता है कि हमारी चर्चाओं में अक्सर उदासी छाई रहती है. लोग सोचते हैं- "ओह भगवान, हम BJP को कभी हरा पाएंगे?" मैं आपको बताता हूं, अगर हम साथ खड़े होकर प्रतिरोध करें तो उन्हें हराना आसान है. पिछले चुनाव में इस कमरे में मेरे अलावा किसी को यकीन नहीं था कि हम BJP को हरा सकते हैं. अब इस कमरे में हर कोई यह विश्वास करना शुरू करे कि हम उन्हें हरा देंगे. इस विश्वास से शुरू कीजिए और मैं गारंटी देता हूं- राज्य दर राज्य, चुनाव दर चुनाव, चाहे वे धांधली करें या न करें, वे गिरेंगे.


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