Search

 
 
 

मेरी क्या गलती 12 : विशाल परिवार की एकमात्र उम्मीद, नौकरी जाने से आर्थिक संकट

Ranchi News :  वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद विशाल का चयन नेपाल हाउस में जेएसए (JSA) के पद पर हुआ था. नियुक्ति के बाद उन्होंने कई महीनों तक अपनी सेवा भी दी, लेकिन अब अचानक नियुक्ति रद्द होने से उनका भविष्य फिर अनिश्चित हो गया है.
 
  • धनबाद के विशाल दसौंदी की नौकरी छिनी
  • , परिवार की एकमात्र उम्मीद पर संकट

Ranchi News :  वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद विशाल का चयन नेपाल हाउस में जेएसए (JSA) के पद पर हुआ था. नियुक्ति के बाद उन्होंने कई महीनों तक अपनी सेवा भी दी, लेकिन अब अचानक नियुक्ति रद्द होने से उनका भविष्य फिर अनिश्चित हो गया है.

 

विशाल बेहद गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं और उन्हें महज 5,000 मासिक वेतन मिलता है. वहीं उनके दादा गांव में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं. विशाल ने इस परीक्षा की तैयारी में अपने जीवन के पांच महत्वपूर्ण साल लगा दिए थे. नौकरी मिलने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां भी अपने कंधों पर उठानी शुरू कर दी थीं. ऐसे में नौकरी छिन जाने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. 

 

विशाल का कहना है कि उन्होंने और उनके जैसे हजारों अभ्यर्थियों ने छोटे-छोटे गांवों से निकलकर पूरी ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा दी थी. उनका सवाल है कि जब उनकी कोई गलती नहीं है, तो उन्हें सजा क्यों दी जा रही है? किसी और की गलती का खामियाजा ईमानदार अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े?

 

उन्होंने कहा कि वे सरकार से किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहते, बल्कि सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं. विशाल की सरकार से भावुक अपील है कि अगर किसी ने गलत किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष का भविष्य मत छीनिए.

 

विशाल के लिए यह नौकरी महज रोजगार का साधन नहीं थी, बल्कि उनके परिवार की उम्मीद और पांच वर्षों की मेहनत का परिणाम थी. नियुक्ति रद्द होने के बाद अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे घर का खर्च कैसे चलेगा.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही