Ranchi News: झारखंड में जेपीएससी के माध्यम से खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के पद पर चयनित अंजलि विवा मिंज की सरकारी नौकरी की उम्मीद नियुक्ति रद्द होने के फैसले के बाद टूट गई. गढ़वा की रहने वाली अंजलि की पोस्टिंग देवघर में हुई थी और वह श्रावणी मेला के दौरान अपनी ड्यूटी भी निभा रही थीं. इसी बीच 17 अगस्त की रात उन्हें अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने की जानकारी मिली.
अंजलि के मुताबिक, चयन के बाद उन्हें लगा था कि उनकी मेहनत आखिरकार सफल हो गई है. देवघर में पदस्थापना के बाद वह पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी कर रही थीं. लेकिन अचानक नियुक्ति रद्द होने की खबर ने उन्हें और उनके परिवार को झकझोर दिया.
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उन्होंने कहा कि 17 अगस्त की रात मिली इस सूचना के बाद समझ नहीं आया कि आगे क्या होगा. जिस नौकरी के लिए उन्होंने मेहनत की और चयन प्रक्रिया पूरी कर पदभार संभाला, उसे अचानक रद्द कर दिया गया. अब उनके सामने अपने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
अंजलि का कहना है कि अगर सरकार के पास परीक्षा या चयन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी के प्रमाण हैं, तो उन्हें अभ्यर्थियों के सामने रखा जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर उनकी नियुक्ति किस आधार पर रद्द की गई और सीआईडी जांच में ऐसी कौन-सी बात सामने आई, जिसके कारण चयनित अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा.
अंजलि की मांग है कि जांच में सामने आए तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि गलती किसकी थी. उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, लेकिन बिना स्पष्ट जानकारी दिए चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए.
नियुक्ति रद्द होने के बाद अंजलि समेत चयनित अभ्यर्थी सरकार से जवाब मांगने के लिए प्रोजेक्ट भवन पहुंचे हैं. अंजलि का कहना है कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी चयनित अभ्यर्थियों के लिए न्याय चाहती हैं, जिनकी मेहनत और भविष्य अचानक अनिश्चित हो गया है.
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