Ranchi News : झारखंड में फूड सेफ्टी ऑफिसर्स की नियुक्ति रद्द होने से चयनित अभ्यर्थियों के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. करीब दो महीने पहले प्रोजेक्ट भवन में नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों को अब नौकरी जाने का डर सता रहा है. प्रभावित अभ्यर्थियों में सिमडेगा की रहने वाली नैना नायक भी शामिल हैं, जिन्होंने झारखंड में नौकरी करने के अपने सपने के लिए केंद्र सरकार की नौकरी तक छोड़ दी थी.
नैना ने वर्ष 2023 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की. वर्ष 2024 में उन्होंने फूड सेफ्टी ऑफिसर की परीक्षा पास की और चयन के बाद धनबाद में उनकी पोस्टिंग हुई. झारखंड में सेवा देने की इच्छा के चलते नैना ने केंद्रीय सरकार के अधीन CWC की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन नियुक्ति रद्द होने के फैसले ने नैना और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है.
नैना ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब तक किसी पर आरोप साबित न हो जाए, तब तक उसे दोषी मानकर सजा नहीं दी जानी चाहिए. उनका कहना है कि अगर नियुक्ति प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो पहले उसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए. कहा कि सरकार तो सबको ही सूली पर चढ़ाने का काम कर रही है, यह कहां का न्याय है?
नैना ने सरकार से नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखकर उचित कदम उठाया जाना चाहिए. नैना नायक समेत अन्य चयनित फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने नियुक्ति रद्द किए जाने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है. अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर सरकार के फैसले को चुनौती दी है और न्याय की मांग की है. अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.
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