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मेरी क्या गलती 14 : पिता गुजरे, पेंशन से चलता घर, सरिता की नौकरी से परिवार की जगी थी आस

Ranchi News : झारखंड में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अचानक रद्द करने से सफल अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश है. पश्चिमी सिंहभूम की रहने वाली सरिता जराई भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं. उनकी नियुक्ति इसी साल जून में हुई थी और वह करीब दो महीने तक पद पर कार्यरत रहीं.
 
  • सरिता जराई घर में एकलौती कमाऊ सदस्य
  • CBI जांच की मांग

Ranchi News : झारखंड में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अचानक रद्द करने से सफल अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश है. पश्चिमी सिंहभूम की रहने वाली सरिता जराई भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं. उनकी नियुक्ति इसी साल जून में हुई थी और वह करीब दो महीने तक पद पर कार्यरत रहीं.

 

सरिता ने बताया कि वर्ष 2023 में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्होंने करीब दो साल तक इस परीक्षा की तैयारी की. कड़ी मेहनत के बाद उन्हें सरकारी नौकरी मिली, लेकिन महज दो महीने के भीतर ही नियुक्ति रद्द कर दी गई. उनका कहना है कि अचानक नौकरी छिन जाने से उन्हें और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है.

 

सरिता ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर नियुक्ति प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता की आशंका थी तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए थी. उन्होंने सीधे नियुक्ति रद्द किए जाने को अनुचित बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

 

सरिता के परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं है. उनके पिता का निधन हो चुका है और परिवार में उनकी मां और भाई-बहन हैं. परिवार की आय मुख्य रूप से पेंशन पर निर्भर है. ऐसे में सरिता की सरकारी नौकरी परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनने वाली थी.

 

नौकरी मिलने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन नियुक्ति रद्द होने से परिवार एक बार फिर संकट में आ गया है. सरिता के परिजनों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग की है. 

 

 

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