- खेती-बाड़ी कर घरवालों ने पढ़ाया
- वर्षों की मेहनत के बाद मिली श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की नौकरी
Ranchi News : झारखंड में नियुक्ति रद्द किए जाने के बाद सफल अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश है. रांची के प्रोजेक्ट भवन में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में आकाश सिरका भी शामिल हैं. उनकी नियुक्ति जनवरी में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के पद पर हुई थी. लेकिन सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले के बाद उनकी नौकरी चली गई.
आकाश ने बताया कि वह 2017 से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. 2019, 2021 और 2023 में आयोजित परीक्षा के लिए उन्हें बार-बार तैयारी करनी पड़ी. झारखंड सरकार में नौकरी कर अपने गृह राज्य की सेवा करने के उद्देश्य से उन्होंने धनबाद स्थित सीएसआईआर और सिंपल में नौकरी भी छोड़ दी थी.
उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं. परिवार ने खेती-बाड़ी कर कठिन परिस्थितियों में उनकी पढ़ाई पूरी कराई. वर्षों की मेहनत के बाद जनवरी में नौकरी मिलने से परिवार को आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जगी थी. लेकिन नियुक्ति रद्द होने से अब उनके सामने फिर से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
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आकाश और अन्य प्रभावित अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार नियुक्ति रद्द करने का स्पष्ट आधार बताए और परीक्षा का कटऑफ सार्वजनिक करे. उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए. यदि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो गड़बड़ी में शामिल अभ्यर्थियों को अलग कर मेरिट के आधार पर चयनित वास्तविक अभ्यर्थियों की नियुक्ति बरकरार रखी जानी चाहिए.
अभ्यर्थियों ने अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए पेपर-1, पेपर-2 और पेपर-3 की OMR शीट की जांच कराने की भी सहमति जताई है. उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों की कथित गड़बड़ी की सजा सभी सफल और ईमानदार अभ्यर्थियों को नहीं मिलनी चाहिए.
आकाश ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों और निर्दोष अभ्यर्थियों की पहचान अलग-अलग की जाए और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी नौकरी वापस दिलाकर न्याय दिया जाए.

