Ranchi News: गिरिडीह के रहने वाले सुभाष इन दिनों गहरी निराशा और पीड़ा से गुजर रहे हैं. अपने गृह राज्य झारखंड की सेवा करने की इच्छा के चलते उन्होंने रेलवे की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. करीब तीन साल तक कड़ी मेहनत और तैयारी के बाद उन्हें धुर्वा स्थित आईजी ऑफिस (प्रोजेक्ट भवन) में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के पद पर नियुक्ति मिली थी.
सुभाष का कहना है कि वह अपनी जन्मभूमि को ही कर्मभूमि बनाना चाहते थे. इसी उद्देश्य से उन्होंने रेलवे की नौकरी छोड़कर झारखंड सरकार की नौकरी को चुना था. उन्हें उम्मीद थी कि नई जिम्मेदारी के जरिए वह अपने राज्य की सेवा कर सकेंगे.
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हालांकि सरकार द्वारा नियुक्ति की अधिसूचना वापस लिए जाने के बाद उनकी नौकरी भी रद्द कर दी गई. सुभाष का कहना है कि इस फैसले ने उनकी वर्षों की मेहनत और भविष्य की उम्मीदों को झकझोर कर रख दिया है. रेलवे की नौकरी छोड़कर झारखंड में सेवा करने का फैसला अब उनके लिए बेहद पीड़ादायक साबित हुआ है.
सुभाष ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. उन्होंने मांग की है कि नियुक्ति मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच के बाद उन्हें उनके पद पर दोबारा बहाल किया जाए. उन्होंने कहा कि झारखंड में सेवा करने के भरोसे अपना पुराना रोजगार छोड़ा था, इसलिए सरकार उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए न्याय करे.
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