Ranchi News: ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर तलाशना रांची की एक महिला को भारी पड़ गया. साइबर अपराधियों ने कस्टमर केयर कर्मचारी और टेक्नीशियन बनकर महिला को अपने जाल में फंसाया और उसके बैंक खाते से 8.27 लाख रुपये निकाल लिए. पीड़िता की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामला हटिया क्षेत्र का है. अपर हटिया निवासी नीलम कुमारी ने पुलिस को बताया कि 29 जुलाई को उन्होंने वॉशिंग मशीन की शिकायत दर्ज कराने के लिए गूगल पर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा था. ऑनलाइन मिले नंबर पर संपर्क करने के बाद कथित कस्टमर केयर कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराने के नाम पर 10 रुपये भुगतान करने को कहा.
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टेक्नीशियन बनकर किया संपर्क
पीड़िता के मुताबिक, भुगतान नहीं हो पाने पर फोन करने वाले ने खुद शिकायत दर्ज करने की बात कही. अगले दिन एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को कंपनी का टेक्नीशियन बताया और मशीन की जांच के लिए घर आने की बात कही. 31 जुलाई को दोबारा संपर्क करने के बावजूद वह नहीं पहुंचा. इसके बाद महिला ने दूसरे कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई और वॉशिंग मशीन की मरम्मत करा ली.
खाते में बचे सिर्फ 91 रुपये
पांच अगस्त को नीलम कुमारी ने यूपीआई से भुगतान करने के लिए अपना बैंक खाता चेक किया तो उनके होश उड़ गए. खाते में महज 91.22 रुपये बचे थे. संदेह होने पर वह बैंक पहुंचीं. बैंक से पता चला कि उनके खाते से अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 8.27 लाख रुपये की निकासी हो चुकी है.
इसके बाद पीड़िता ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अब बैंक खातों, लेनदेन की कड़ियों, मोबाइल नंबरों और साइबर अपराधियों के नेटवर्क की जांच कर रही है.
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर खोजते समय आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्रोत का ही इस्तेमाल करें. अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी तरह का भुगतान, ओटीपी, बैंकिंग डिटेल या यूपीआई से जुड़ी जानकारी साझा न करें.
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