Search

रांची में महिला शक्ति का पैदल मार्च 25 को, विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी भाजपा

  • नारी शक्ति को कमजोर करने की साजिश, विपक्ष पर बरसे संजय सेठ

Medininagar :  रांची के सांसद व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने 16,17 व 18 अप्रैल की अवधि को काला दिन बताते हुए कहा कि देश की बेटियों को मिलने वाला बड़ा अधिकार रोका गया. वह मेदिनीनगर स्थित परिसदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, मेयर अरुणा शंकर,पूर्व जिला अध्यक्ष नरेंद्र पांडेय समेत अन्य लोग उपस्थित रहे.

 

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा दांव

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस काम किया है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल की गई. उन्होंने कहा कि यह कदम देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत करेगा और आने वाले समय में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा.

 

विपक्ष पर बिल रोकने और साजिश का आरोप

संजय सेठ ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने चुनाव को देखते हुए मजबूरी में बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा डाल रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस, सपा, टीएमसी, जेएमएम और डीएमके जैसी पार्टियों को परिवारवादी बताते हुए कहा कि ये दल महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहते. यदि यह बिल पूरी तरह लागू होता है तो देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा, जिसे विपक्ष स्वीकार नहीं कर पा रहा है.

 

राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बयानों पर घेरा

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके संसद में दिए गए भाषण में महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी की गई. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के धर्म के आधार पर आरक्षण संबंधी बयान को भी उन्होंने गलत और भ्रामक बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान समाज को बांटने का काम करते हैं और महिला सशक्तिकरण के मूल उद्देश्य को कमजोर करते हैं.

 

अंबेडकर के विचारों का हवाला, भागीदारी पर जोर

संजय सेठ ने भीमराव अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक महिलाओं की राजनीति में भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक उन्हें वास्तविक अधिकार नहीं मिल पाएगा. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के जरिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे नीतियों में संतुलन और संवेदनशीलता आएगी.

 

भ्रम फैलाने का आरोप, चुनाव में जवाब देने की बात

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि सीटों में कमी और एससी-एसटी आरक्षण प्रभावित होने जैसी बातें फैलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बड़ा अन्याय किया है और देश की बेटियां इस मुद्दे का जवाब आने वाले चुनाव में जरूर देंगी. उन्होंने दोहराया कि सरकार हर हाल में महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहे.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//