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मनरेगा में जेसीबी से काम, सूची में मजदूरों के नाम

 
स्थल निरीक्षण के बाद बीपीओ ने की पुष्टि, योजना की लागत 4.84 लाख Suraj Kumar Chouparan : चौपारण प्रखंड में इन दिनों मनरेगा का काम मजदूरों की बजाय जेसीबी से कराया जा रहा है. ऐसा कर मनरेगा के उद्देश्य को भी ताक पर रख दिया गया है और मजदूरों का हक भी मारा जा रहा है. इसमें प्रखंड के मनरेगा कर्मियों की पूरी तरह से मिलीभगत बताई जा रही है. जानकारी हो कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के तहत पारंपरिक जल निकायों के जीर्णोद्धार के उद्देश्य से चौपारण प्रखंड अंतर्गत मानगढ़ के मुरकटिया आहर के काम की स्वीकृति हुई. यह जीर्णोद्धार अमृत सरोवर के तहत वर्क कोड 3416014013/डब्ल्यूएच/1011139430 के अंतर्गत काम की स्वीकृति हुई. इस योजना में आठ अप्रैल की दोपहर दिनदहाड़े जेसीबी लगाकार तालाब जीर्णोद्धार का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा था. इसे भी पढ़ें :  प्रिंस">https://lagatar.in/threat-to-prince-khan-releasing-the-video-said-improve-yourself-prince-the-list-of-your-family-is-also-ready/">प्रिंस

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बीपीओ ने की जेसीबी से काम होने की पुष्टि

इस संबंध में बीपीओ संतोष कुमार से पूछे जाने पर बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन स्थल पर जाकर देखते हैं. स्थल निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि जेसीबी लगाई गई थी, लेकिन बंद करवा दिया गया. वहीं योजना से संबंधित अन्य सवाल को वह टाल गए.

पांच मजदूरों का हो चुका है भुगतान : रोजगार सेवक  

इस संबंध में रोजगार सेवक मंगलेश पांडेय ने बताया कि यह योजना 4 लाख 84 हजार रुपए का है. इसमें मार्च 2023 में ही मास्टर रोल के आलोक में पांच मजदूरों का भुगतान 9 हजार 480 रुपए किया जा चुका है. रोजगार सेवक ने यह भी बताया कि इस योजना का काम मानगढ़ निवासी मेट गुरुदेव दांगी की पत्नी की देख-रेख में किया जाना है. इसे भी पढ़ें : शर्मनाक">https://lagatar.in/shameful-jawan-rapes-7-year-old-girl-sent-to-jail/">शर्मनाक

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