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बरवाडीह-चिरीमिरी रेल लाइन परियोजना पर काम होगा शुरू, DPR हो रहा तैयार

बरवाडही रेल जंक्शरन को चिरीमिरी (अंबिकापुर) से जोड़ने वाली  महत्वककांक्षी रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है. रेलवे ने इस परियोजना का फाइनल लोकशन सर्वे (एफएलएस) को स्वीकृत कर लिया है. उसकी डीपीआर तैयार की जा र
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बरवाडीह रेलवे स्टेशन (फाइल फोटो).

Latehar : लातेहार जिले के बरवाडही रेल जंक्शरन को चिरीमिरी (अंबिकापुर) से जोड़ने वाली  महत्वककांक्षी रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है. रेलवे ने इस परियोजना का फाइनल लोकशन सर्वे (एफएलएस) को स्वीकृत कर लिया है. उसकी डीपीआर तैयार की जा रही है. 

 


ज्ञात हो कि इस परियोजना को पूरा करने की मांग पिछले कई दशक से उठ रही है. तत्काालीन  सांसद इंदर सिंह नामधारी ने वर्ष 2011-12 में संसद में इस रेल लाइन को पूरा कराने की मांग की थी. तब से लगातार यह मांग उठती रही है.  पिछले साल चतरा सांसद कालीचरण सिंह व पलामू सांसद वीडी राम ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णंव से मुलाकात कर इस परियोजना को पूरा करने का आग्रह किया था. तब रेल मंत्री ने  इसे ड्रीम प्रोजेक्टप बताया और इसे पूरा करने की प्रतिबद्धता दुहरायी थी. 

 

अंग्रेज सरकार ने बनाई थी बरवाडीह-चिरीमिरी रेल परियोजना 

 

वर्ष 1935-36 में ब्रिटिश सरकार ने इस रेल लाइन की योजना बनाई थी. 1940-41 में इस पर काम शुरू हुआ और 1946 तक चला. चनान, कन्हर नदी पर पुल निर्माण के लिए खंभे भी लगा दिए गए थे, लेकिन आजादी से पहले ही काम बंद कर दिया गया. चिरीमिरी से विश्रामपुर (छत्तीसगढ़) 129 किलोमीटर रेलखंड वर्ष 1962 से ही परिचालन में है. विश्रामपुर से अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) तक 19 किलोमीटर रेल लाइन पूरी कर ली गयी है. अंबिकापुर से बरवाडीह तक 182 किलोमीटर की रेल लाइन को पूरा करना है.


इस रेल लाइन के बनने से मुंबई-हावड़ा के बीच तीसरी सीधी रेलवे ट्रैक हो जाएगी. वर्तमान में मुंबई-हावड़ा के बीच इलाहाबाद, बिलासपुर, रायपुर, नागपुर होते हुए दो रेल लाइनें हैं. बरवाडीह-चिरीमिरी रेल लाइन का निर्माण हो जाने से हावड़ा-मुंबई के बीच की दूरी 300 किलोमीटर कम हो जायेगी.  छत्तीसगढ़ व झारखंड के दोनों इलाके कोयला व बॉक्साइट की प्रचुरता वाले हैं. रेल लाइन का निर्माण होने से इन खनिजों का परिवहन रेल के माध्यम से हो सकेगा. इससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा भी मिलेगा.


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