Giridih News: जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला समाहरणालय सभागार में आयोजित हुई.
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में 120 से अधिक कारीगर एवं शिल्पकारों ने भाग लिया.
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कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को उनके उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग एवं उचित मूल्य निर्धारण के साथ बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित करना था.
विशेषज्ञों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद डिजाइनिंग तथा बिक्री रणनीति सहित आधुनिक व्यापार के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी.
योजना से जुड़े 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों को उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और व्यवसाय को नई दिशा देने के उपाय बताए गए.
कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधा, उद्यम पंजीकरण, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई.
साथ ही झारखंड सरकार की कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए संचालित सहायता योजनाओं के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया.
उपायुक्त ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के कौशल को आर्थिक अवसरों में बदलने की महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने लाभार्थियों से ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के आधुनिक तरीके अपनाने और डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत किया जा सकता है.
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