Ranchi News : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के Health and Wellness Centre (HWC) के निदेशक डॉ. एम.पी. हसन ने लोगों से मानसिक तनाव, निराशा और भावनात्मक संकट को कमजोरी न समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसे संकेतों को समय रहते पहचानकर व्यक्ति को जरूरी सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद दिलानी चाहिए.
डॉ. हसन ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, आर्थिक व पारिवारिक समस्याएं, रिश्तों में तनाव, अकेलापन, असफलता और भविष्य की चिंता व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. ऐसे समय में परेशान व्यक्ति को उपदेश या आलोचना की जरूरत नहीं होती, बल्कि सहानुभूति, धैर्य और किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ की जरूरत होती है.
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक निराशा, लोगों से दूरी बनाना, लगातार तनाव में रहना या जीवन को लेकर नकारात्मक बातें करना इस बात के संकेत हो सकते हैं कि उसे मदद की जरूरत है. ऐसे व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या काउंसलर से संपर्क करना चाहिए.
डॉ. हसन ने परिवारों और युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि परेशान व्यक्ति से बात करें, उसकी बात सुनें और उसे समझने का प्रयास करें. कई बार केवल यह पूछना कि आप ठीक हैं? अगर आप बात करना चाहते हैं तो मैं आपके साथ हूं भी किसी व्यक्ति के लिए बड़ा सहारा बन सकता है.
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है. मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और आत्म-जागरूकता का संकेत है. समाज में ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है, जहां लोग बिना डर, शर्म या सामाजिक कलंक के अपनी मानसिक परेशानियों के बारे में बात कर सकें.
रांची विश्वविद्यालय के Health and Wellness Centre का उद्देश्य भी मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, काउंसलिंग और वेलबीइंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर उचित सहायता से जोड़ना है.
डॉ. हसन ने संदेश देते हुए कहा, जीवन में समस्या स्थायी नहीं होती, लेकिन समाधान के लिए समय, सहयोग और संवाद की जरूरत होती है. किसी की जिंदगी बचाने के लिए कभी-कभी केवल उसे ध्यान से सुन लेना ही पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है.उन्होंने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे स्वयं भी अपनी परेशानियों पर बात करेंगे, दूसरों की बात सुनेंगे और किसी भी व्यक्ति को उसके कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ेंगे.

