Ranchi: दिल्ली में छात्र-छात्राओं के आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में शुक्रवार को युवा राष्ट्रीय जनता दल (युवा राजद), झारखंड प्रदेश ने रांची में "छात्र न्याय प्रतिरोध मार्च" निकाला. यह मार्च मोराबादी स्थित बापू वाटिका से लोक भवन (राजभवन) तक निकाला गया. मार्च का नेतृत्व युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन कुमार यादव ने किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और छात्र-युवाओं ने इसमें भाग लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
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मार्च के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने, प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने, घायल छात्रों को समुचित इलाज, मुआवजा और सहायता देने तथा भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई.

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि देशभर में लगातार हो रहे परीक्षा-पत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
प्रदेश अध्यक्ष रंजन कुमार यादव ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
युवा राजद ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगा.
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