Ranchi/Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में भाकपा माओवादी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मरूर उर्फ डांगिल उर्फ विक्रम उर्फ तुबुई उर्फ जयराम ने दो अन्य महिला माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण किया है.
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सरेंडर करने वालों में पिंकी, निवासी ईचागोड़ा, गोईलकेरा और कोदो मुनी कोड़ा उर्फ पद्मनी, निवासी रेंगड़ा, टोंटो शामिल हैं. पिंकी संगठन में दस्ता सदस्य के रूप में सक्रिय थी, जबकि कोदो मुनी कोड़ा पर झारखंड सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.

महिला नक्सलियों का फाइल फोटो
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सालुका कायम के खिलाफ 96 मामले दर्ज हैं. उस पर पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा, गोईलकेरा, टोंटो, टेबो, टोकलो, जराईकेला, कराईकेला समेत कई थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज हैं. इनमें मुठभेड़, आईईडी विस्फोट, पुलिस बल को निशाना बनाने, हत्या, लेवी, सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई गंभीर मामले शामिल हैं.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सालुका से जुड़े मामलों में सुरक्षा बलों के जवानों के घायल होने और शहीद होने की घटनाएं भी शामिल हैं. वर्ष 2021 में टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि कई जवान घायल हुए थे. इसके अलावा वर्ष 2023 में टोंटो और गोईलकेरा क्षेत्र में कई आईईडी विस्फोट और मुठभेड़ की घटनाएं दर्ज हैं.
वहीं पिंकी के खिलाफ 8 मामले और को दो मुनी कोड़ा के खिलाफ 5 मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार, तीनों के आत्मसमर्पण से पश्चिमी सिंहभूम में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है. सुरक्षा एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और अन्य सक्रिय सदस्यों के संबंध में जानकारी जुटा सकती हैं.
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