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रिम्स में 12 विशेषज्ञ विभागों में 22 असिस्टेंट प्रोफेसर की होगी नियुक्ति, इलाज व पढ़ाई में मिलेगी मदद

Ranchi News : फैकल्टी की कमी का असर मरीजों के इलाज के साथ जांच और ऑपरेशन पर भी पड़ता है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या कम होने से मौजूदा डॉक्टरों पर मरीजों का दबाव बढ़ जाता है. कई जटिल मामलों में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है. इसका असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और प्रशिक्षण पर भी पड़ता है.
 
रिम्स

Ranchi News : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में फैकल्टी के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. रिम्स प्रबंधन ने करीब एक महीने पहले 12 विशेषज्ञ विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 22 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. 

 

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इसमें नियमित और बैकलॉग दोनों तरह के पद शामिल हैं.ज्यादा 5 पद सीटीवीएस विभाग में हैं. इसके अलावा मेडिकल ऑन्कोलॉजी में 3 पद हैं. ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग में 2-2 पद हैं. बाकी पद अन्य विशेषज्ञ विभागों में हैं.

 

फैकल्टी की कमी का असर मरीजों के इलाज के साथ जांच और ऑपरेशन पर भी पड़ता है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या कम होने से मौजूदा डॉक्टरों पर मरीजों का दबाव बढ़ जाता है. कई जटिल मामलों में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है. इसका असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और प्रशिक्षण पर भी पड़ता है.

 

नियुक्ति के बाद क्या बदलेगा?

नए असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति होने से संबंधित विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी. इससे मरीजों को जांच और इलाज के लिए ज्यादा विकल्प मिलेंगे. डॉक्टरों पर काम का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी. साथ ही मेडिकल छात्रों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से पढ़ाई और प्रशिक्षण का बेहतर मौका मिल सकेगा.

 

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