Ranchi News : अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए 29 नवंबर को महाबैठक आयोजित की जाएगी. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता छोटू और सोनाल शांति उपस्थित थे.
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बंधु तिर्की ने केंद्र की भाजपा सरकार पर एससी-एसटी समुदायों को वोट बैंक समझने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन समुदायों के विकास बजट में कटौती की जा रही है. छात्रवृत्ति की राशि समय पर नहीं मिल रही है. उन्होंने दावा किया कि विकास योजनाओं के लिए निर्धारित राशि दूसरी मदों में खर्च की जा रही है, जिससे इन समुदायों का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने सीजीमाली, कुटुरूमाली और नियामगिरि में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को लेकर वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के कथित उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि नियामगिरि मामले में वर्ष 2013 के उच्चतम न्यायालय के फैसले के तहत ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए.
बंधु तिर्की ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े आयोगों को प्रभावी बनाने और इन समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की.
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