- NCB के पास सह-आरोपियों के बयान व गुप्त सूचना के अलावा नहीं था कोई ठोस साक्ष्य
Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने गांजा तस्करी मामले में आरोपी रवींद्र कुमार सिंह उर्फ राजू को जमानत दे दी है. अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में जमानत याचिका मंजूर कर ली. अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री आरोपी को दोषी मानने के लिए पर्याप्त नहीं है. साथ ही आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है.
आरोपी रवींद्र कुमार सिंह के खिलाफ NDPS केस नंबर 13/2026 में कार्यवाही चल रही है. यह मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), रांची में दर्ज क्राइम केस नंबर 01/NCB/रांची/2026 से जुड़ा है. उस पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(सी) के साथ धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत आरोप है.
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ओडिशा से झारखंड और बिहार में गांजा तस्करी का आरोप
आरोप के अनुसार, रवींद्र कुमार सिंह गांजा तस्करी करने वाले एक सिंडिकेट का सदस्य था. यह सिंडिकेट ओडिशा से झारखंड और बिहार में गांजे की तस्करी करता था. इस मामले में एनसीबी के अधिकारियों ने सह-आरोपी राजेश कुमार, दीपक कुमार प्रसाद और प्रफुल्ल कुमार पांडेय को 135.2 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा था.
आरोपी की ओर से अदालत को बताया गया कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है. उसके खिलाफ कोई आपराधिक पूर्व इतिहास नहीं है. मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है. लेकिन अब तक किसी की गवाही नहीं हुई है.
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को इस मामले से जोड़ने के लिए गुप्त सूचना और सह-आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के अलावा कोई अन्य साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. आरोपी 14 जनवरी 2026 से जेल में बंद है.
एनसीबी ने भी स्वीकार की साक्ष्यों की कमी
एनसीबी की ओर से जमानत का विरोध किया गया. हालांकि एजेंसी के वकील ने भी स्वीकार किया कि सह-आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान और गुप्त सूचना के अलावा आरोपी को मामले से जोड़ने वाला कोई अन्य साक्ष्य नहीं है. गुप्त सूचना का स्रोत भी केस डायरी या दाखिल आरोपपत्र में दर्ज नहीं है.
25 हजार रुपये के मुचलके पर मिलेगी जमानत
अदालत ने कहा कि उपलब्ध सामग्री आरोपी को दोषी मानने के लिए पर्याप्त नहीं है. उसके आपराधिक इतिहास नहीं होने को भी ध्यान में रखकर अदालत ने जमानत मंजूर कर ली. हाईकोर्ट ने आरोपी को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का निर्देश दिया.
जमानत की प्रक्रिया रांची के न्यायिक आयुक्त-सह-विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश की अदालत में पूरी होगी. (झारखंड हाईकोर्ट ने दो अफीम तस्करों की सजा 8 से घटाकर 3 साल की, पढ़ें पूरी खबर...)

