Patna News : समाचार संकलन और छायांकन के दौरान पत्रकारों व मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस की ओर से अनावश्यक हस्तक्षेप या दुर्व्यवहार अब भारी पड़ सकता है. बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा), बिहार की ओर से 19 अगस्त 2026 को सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी किया गया है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पत्रकारों से संबंधित शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस मुख्यालय का यह निर्देश राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद जारी हुआ है. ज्ञापन में पिछले वर्षों के दौरान समाचार संकलन और छायांकन के दौरान पत्रकारों व मीडियाकर्मियों के साथ हुई हिंसक घटनाओं के अलावा पुलिसकर्मियों की ओर से किए गए कथित अनावश्यक हस्तक्षेप और बाधा का मुद्दा उठाया गया था.
समाचार संकलन में पुलिस नहीं बनेगी बाधा
पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में कहा है कि प्रेस और मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है. ऐसे में पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों को समाचार संकलन और छायांकन के दौरान समुचित सहयोग दिया जाना चाहिए. पुलिस अधिकारियों को अपने अधीनस्थों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा गया है.
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पत्रकारों के साथ पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाए. समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ नम्र व्यवहार करने का भी निर्देश दिया गया है.
शिकायत मिली तो जांच, दोषी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने जिलों के एसपी-एसएसपी को निर्देश दिया है कि पत्रकारों, बुद्धिजीवियों या मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर किसी तरह की शिकायत सामने आती है तो उसे गंभीरता से लिया जाए. शिकायत की जांच के बाद यदि कोई पुलिस पदाधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा को लेकर 2017 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई
पत्र में पत्रकारों की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3663, दिनांक 2 मई 2017 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके साथ ही जिलों को अपेक्षित सुरक्षात्मक, निरोधात्मक और सतर्कतामूलक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है.
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