Ranchi News : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) ने शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है. विश्वविद्यालय ने देश के प्रतिष्ठित लखनऊ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के साथ पांच वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है. इस समझौते से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग, शोध, संसाधनों के साझा उपयोग और तकनीकी आदान-प्रदान का रास्ता खुलेगा.
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इस संबंध में डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने बताया कि 100 वर्ष से अधिक पुराना लखनऊ विश्वविद्यालय देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है. वर्ष 1920 में स्थापित इस विश्वविद्यालय से 600 से अधिक महाविद्यालय संबद्ध हैं. यहां करीब 500 शिक्षण संकाय उपलब्ध हैं. ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ने से डीएसपीएमयू को शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में काफी लाभ मिलेगा.
कुलपति ने कहा कि एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालय आपसी सहयोग और सामंजस्य से मानव संसाधन, आधारभूत संरचना, शोध संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे. इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों की शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना और साझा प्रयासों से बेहतर परिणाम हासिल करना है.
उन्होंने कहा कि इस समझौते का सबसे अधिक लाभ विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों को मिलेगा. इसके साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी नए शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे. दोनों विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान बढ़ेगा.
डॉ. राजीव मनोहर ने बताया कि डीएसपीएमयू आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी एमओयू करने की दिशा में काम कर रहा है. वर्ष 2026 के अंत से वर्ष 2027 के मध्य तक कई विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
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