Ranchi : रिम्स (RIMS) में ट्यूटर/एसआर के पद पर निदेशक के बेटे की नियुक्ति अवैध है. क्योंकि रिम्स के निदेशक या शासी परिषद को अपने स्तर से नये पदों के सृजन या पदों को एक विभाग से दूसरे में स्थानांतरित करने का अधिकार नहीं है. राज्य सरकार ने भी हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में किसी पद के सृजन की स्वीकृति नहीं दी है.
रिम्स निदेशक के बेटे की नियुक्ति अवैध होने के दो कारण
रिम्स निदेशक के बेटे ऋषभ कुमार की नियुक्ति के अवैध होने के दो प्रमुख कारण बताये जाते हैं. पहला कारण रिम्स में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए ट्यूटर/एसआर के पद का सृजित नहीं होना है.
दूसरा कारण रिम्स के निदेशक या शासी परिषद के पास अपने स्तर से किसी नये पद के सृजन या पदों के स्थानांतरण का अधिकार नहीं होना है. रिम्स निदेशक के बेटे की नियुक्ति में इन दोनों ही नियमों का उल्लंघन किया गया है.
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रिम्स रेगुलेशन 2014 में नियुक्ति व शैक्षणिक योग्यता का है उल्लेख
राज्य सरकार ने RIMS REGULATION 2014 में इस संस्थान के लिए आवश्यक पदों के सृजन, शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित गजट प्रकाशित कर दिया है. इसमें विभिन्न विभागों में ट्यूटर/एसआर की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख किया गया है.
RIMS REGULATION 2014 में ट्यूटर/एसआर पद पर दो तरह के लोगों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है. इसमें चिकित्सक और गैर-चिकित्सक शामिल हैं. इन पदों पद नियुक्ति के लिए चिकित्सकों के लिए शैक्षणिक योग्यता MD/MS/MDS निर्धारित है.
वहीं RIMS REGULATION 2014 में ट्यूटर/एसआर के पद पर गैर-चिकित्सकों के लिए ब्रांच और शैक्षणिक योग्यता निर्धारित है. इसके तहत ट्यूटर/एसआर के पद पर गैर-चिकित्सकों की नियुक्ति सिर्फ Anatomy,Biophysics और Pharmacology में ही हो सकती है.
नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का संबंधित विषयों में M.sc/ Ph.D होना अनिवार्य है. रिम्स अपने ही स्तर से गजट में लिखित तथ्यों में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकता है. इसमें किसी भी तरह का बदलाव कैबिनेट की सहमति के बाद ही की जा सकती है.
हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पद सृजित कर की गई नियुक्ति
रिम्स में निदेशक के बेटे की नियुक्ति हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में ट्यूटर/एसआर के पद की गयी है. यह पद राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत नहीं है, ना ही गजट में इसका प्रावधान है. RIMS को अपने स्तर से किसी नये पद के सृजन का अधिकार नहीं है.
स्वायत्त संस्था होने की वजह से रिम्स अपने जरूरतों के हिसाब से शासी परिषद से प्रस्ताव पारित कराने के बाद सरकार से नये पदों के सृजन की अनुशंसा कर सकती है. नये पदों के सृजन का अधिकार सरकार के पास है. लेकिन निदेशक के बेटे की नियुक्ति के लिए सब कुछ निदेशक के स्तर पर ही कर लिया गया. इसलिए उनके बेटे की नियुक्ति अवैध है.
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