Ranchi News : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची नगर निगम के नगर आयुक्त IAS सुशांत गौरव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त का कामकाज एक अधिकारी से ज्यादा JMM कार्यकर्ता जैसा नजर आ रहा है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नगर आयुक्त अब छवि रंजन और विनय चौबे की राह पर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं.
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बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची में हजारों भवनों के नक्शे लंबे समय से लंबित हैं. आम लोग नक्शे के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन निगम की कार्रवाई कुछ खास लोगों की इमारतों पर ज्यादा दिखाई दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के समर्थन में खड़े लोगों से जुड़ी इमारतों पर भी कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स जमा कर दिया है. इसके बावजूद उन्हें बार-बार नोटिस भेजे जा रहे हैं. लोग अपनी ही जमा राशि और दस्तावेजों की जानकारी के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
खादगढ़ा बस स्टैंड की टेंडर प्रक्रिया पर भी बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि टेंडर में 7.50 करोड़ रुपये तक की बोली लग चुकी थी, फिर टेंडर रद्द कर 3.20 करोड़ रुपये में टेंडर क्यों दिया गया. उन्होंने इस मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगा.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अलग-अलग विभागों और जिलों में सुशांत गौरव के कार्यकाल को लेकर भी जनता के बीच कई सवाल हैं. उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी जनता की सेवा के बजाय सत्ता के इशारे पर काम करेंगे, तो आम लोग न्याय के लिए कहां जाएंगे.
उन्होंने नगर आयुक्त से जनता को परेशान नहीं करने और अपने पद की जिम्मेदारी के अनुसार काम करने की अपील की. साथ ही कहा कि सत्ता को खुश करने के लिए अधिकारियों को जनता के हितों से समझौता नहीं करना चाहिए.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में पहले भी सत्ता के करीब रहने वाले अधिकारियों का नतीजा राज्य देख चुका है. इतिहास खुद को दोहराता है, सिर्फ किरदार बदल जाते हैं.
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