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बाबूलाल ने कपिल सिब्बल को लिखा पत्र, कहा- आपकी हैसियत सुप्रीम कोर्ट से बड़ी नहीं

Ranchi News : बाबूलाल मरांडी ने कपिल सिब्बल और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक पॉडकास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें उनके (मरांडी के) खिलाफ चार पीएमएलए (PMLA) मामले' होने का निराधार दावा किया गया. उनके खिलाफ दर्ज मामले जनआंदोलनों से जुड़े थे, जिनमें कोई चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और वे सभी अदालत में खारिज हो गए. मरांडी ने सवाल उठाया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा मुवक्किल के पक्ष में ऐसी भ्रामक जानकारी परोसना किस पेशेवर मर्यादा का परिचायक है.
 
फाइल फोटो
  • न्यायपालिका पर दोहरे मापदंड का लगाया आरोप

Ranchi News : झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पर न्यायपालिका के प्रति दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. कपिल सिब्बल को लिखे पत्र में मरांडी ने कहा कि जब फैसला मनमाफिक आता है तो उन्हें न्यायिक व्यवस्था उचित लगती है, लेकिन प्रतिकूल स्थिति में वे अदालत की विश्वसनीयता पर उंगली उठाने लगते हैं. मरांडी ने लिखा कि "आपकी हैसियत कितनी भी बड़ी क्यों न हो, वह संविधान और सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी नहीं हो सकती."

 

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पॉडकास्ट में निराधार दावे करने का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने कपिल सिब्बल और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक पॉडकास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें उनके (मरांडी के) खिलाफ चार पीएमएलए (PMLA) मामले' होने का निराधार दावा किया गया. उनके खिलाफ दर्ज मामले जनआंदोलनों से जुड़े थे, जिनमें कोई चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और वे सभी अदालत में खारिज हो गए. मरांडी ने सवाल उठाया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा मुवक्किल के पक्ष में ऐसी भ्रामक जानकारी परोसना किस पेशेवर मर्यादा का परिचायक है.

 

एससी–एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर मुकदमा

मरांडी ने कहा कि भ्रामक जानकारी फैलाने पर वे भी सिब्बल के खिलाफ एससी–एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा सकते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने अपने बचाव के लिए ईडी अधिकारियों के खिलाफ इसी एक्ट का सहारा लिया था, जो संभवतः सिब्बल की ही सलाह पर किया गया था. उन्होंने राज्य सरकार पर राजनैतिक विरोधियों से निपटने के लिए इस एक्ट के दुरुपयोग का रिकॉर्ड कायम करने का आरोप लगाया.

 

सरकार से ली गई फीस पर भी दागे सवाल

मरांडी ने सिब्बल से पूछा है कि राज्य सरकार के अवैध फैसलों को बचाने के लिए वे अपनी महंगी पैरवी को ढाल क्यों बना रहे हैं. उन्होंने जनवरी 2020 से अब तक झारखंड सरकार से ली गई फीस और चार्टर्ड विमान के खर्च का हिसाब मांगते हुए कहा कि उस राशि से गरीबों और आदिवासियों की कई कॉलोनियां बसाई जा सकती थीं. अंत में उन्होंने सिब्बल से अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा है कि वे नेता हैं, वकील हैं या पॉडकास्टर.

 

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