Jamtara News: जामताड़ा और धनबाद जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बेजरा पुल के चार नंबर के पिलर के धंसने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी से लगातार नाव के माध्यम से बालू का उठाव और पुल के पिलर के आसपास बड़े पैमाने पर बालू निकासी ने पुल की नींव को कमजोर कर दिया है. इसके बावजूद प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
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बताया जाता है कि जुरगुडीह घाट से बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा प्रतिदिन इसी पुल से होकर धनबाद जिले की ओर जाते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है. वहीं, पिलर के आसपास से अत्यधिक बालू उठाव होने के कारण नदी की प्राकृतिक सतह और पुल की नींव पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
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सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पुल के पिलर के आसपास लगातार बालू उठाव और भारी वाहनों का परिचालन हो रहा था, तो खनन विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजर आखिर कहां थी? पुल के पिलर के धंसने के बाद किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जायेगा जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करेगा?
ग्रामीणों का कहना है कि बेजरा पुल दोनों जिलों के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है. यदि समय रहते पिलर की तकनीकी जांच और बालू उठाव पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में पुल की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है.
अब देखना यह है कि प्रशासन महज जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति करता है या पुल की नींव से जुड़े इस गंभीर मामले में बालू उठाव और भारी वाहनों के परिचालन की वास्तविक जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी करता है.
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