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भरत तिवारी एनकाउंटर : 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को न्यायिक आयोग का समन

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है. मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने जगदीशपुर के एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को गवाही के लिए समन जारी किया है.  सभी को अलग-अलग तारीखों पर आयोग के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.
 
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  • अधिकारियों- जवानों को 16-17 जुलाई को आयोग के समक्ष पक्ष रखने का निर्देश

Lagatar Desk :  भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है. मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने जगदीशपुर के एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को गवाही के लिए समन जारी किया है.  सभी को अलग-अलग तारीखों पर आयोग के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है. 

 

आयोग ने संबंधित अधिकारियों और जवानों को 16 और 17 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया है. इस दौरान आयोग घटना से जुड़े सभी पहलुओं, गवाहों के बयानों और पुलिस के पक्ष को विस्तार से सुनेगा, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके. 

 

गौरतलब है कि बीते 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर किया गया था. घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आयोग का गठन किया गया, जो एनकाउंटर से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है. 

 

इसी कड़ी में उन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है, जो एनकाउंटर के दौरान मौके पर मौजूद थे या कार्रवाई में शामिल थे. समन पाने वालों में एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी और थानाध्यक्ष के अलावा शाहपुर थाना के दारोगा, जांच अधिकारी, एएसआई, एसटीएफ के जवान, चालक हवलदार और डीएसपी के बॉडीगार्ड समेत अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. 

 

इधर आयोग की जांच के साथ-साथ फोरेंसिक प्रक्रिया भी जारी है. एनकाउंटर में इस्तेमाल किए गए हथियारों की जांच के लिए तत्कालीन जगदीशपुर डीएसपी के बॉडीगार्ड, एक दारोगा और एक एएसआई की सरकारी सर्विस पिस्टल जब्त की गई है. इन हथियारों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा, जहां बैलिस्टिक और अन्य तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे.

 

इससे पहले तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष की सरकारी पिस्टल, एसटीएफ के एक जवान की सर्विस पिस्टल और भरत भूषण तिवारी के पास से बरामद हथियार भी जांच के लिए जब्त किए जा चुके हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि फोरेंसिक रिपोर्ट से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

 

अब सभी की नजर आयोग की आगामी सुनवाई और फोरेंसिक रिपोर्ट पर है. जांच पूरी होने के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

 

 

 

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