Ranchi: अलकतरा घोटाला मामले के एक आरोपी कॉन्ट्रैक्टर झमन प्रसाद को सीबीआई के विशेष अदालत ने 3 साल की सजा सुनाई है. साथ ही उसपर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि नहीं भरने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगा. दरअसल मामले में 7 आरोपियों ने ट्रायल फेस किया था. ट्रायल फेस करने वाले तत्कालीन 4 कनीय अभियंता और 2 सहायक अभियंता साक्ष्य के अभाव में बरी हुए.
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बता दें कि यह मामला वर्ष 2009 का है. वर्ष 2005-2006 में भुरकुंडा-पतरातू के 6 किमी सड़क का नवीकरण का काम किया गया था. अलकतरा की खरीददारी सरकारी एजेंसी से होनी थी, लेकिन खरीददारी निजी एजेंसी से की गई थी. जिसे लेकर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी. सीबीआई की जांच में 20.23 लाख का घोटाला सामने आया था.
मामले की सुनवाई में सीबीआई ने 14 गवाह पेश किए थे. जिसके आधार पर एक आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाया गया है. बरी हुए एक आरोपी भुनेश्वर महतो वर्तमान में पथ प्रमंडल गोड्डा में कनिय अभियंता के पद पर पदस्थापित हैं. बाकी 5 आरोपी सेवानिवृत हो चुके हैं.
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