Ranchi: राज्य सरकार ने 31 मार्च 2025 की अवधि में 1.60 लाख करोड़ रुपये खर्च का उपयोगिता प्रमाण नहीं दिया है. इतनी बड़ी राशि के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिये जाने की वजह से CAG की रिपोर्ट में राशि के दुरूपयोग की आशंका जतायी गयी है.
विधानसभा के मॉनसून सत्र में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वित्तीय प्रतिवेदन पेश किया गया. इसमें कहा गया है कि गया है कि सरकार ने राज्य गठन के बाद से 31 मार्च 2025 तक 1.60 लाख करोड़ रुपये के खर्च का उपयोगिता प्रमाण नहीं दिया है. नियमानुसार पहले वित्तीय वर्ष के दौरान खर्च की राशि का दूसरे वित्तीय वर्ष में उपयोगिता प्रमाण पत्र देना है. लेकिन सरकार ने अब तक इतनी बड़ी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया है.
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इसके अलावा राज्य सरकार ने खर्च के लिए निकाली गयी अग्रिम राशि (AC Bill) के भी खर्च का पूरा ब्योरा (DC Bill) नहीं दिया है. नियमानुसार सरकार जरूरी खर्चों के लिए ट्रेजरी से अग्रिम की निकासी कर सकती है. हालांकि दूसरी बार अग्रिम निकासी करने के लिए उसे पहले की अग्रिम निकासी के खर्च का ब्योरा देना पड़ता है. लेकिन सरकार ने अग्रिम के रूप में निकासी के बाद 31 मार्च 2025 तक 4531.00 करोड़ रुपये के खर्च का ब्योरा नहीं दिया है.

प्रधान महालेखाकार इंदू अग्रवाल
रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2023-24 के मुकाबले GSDP में 10.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने देश के GDP में 1.56 प्रतिशत का योगदान दिया है. पिछले पांच वर्षों के दौरान देश के GDP राज्य योगदान इसी के आसपास रहा है. 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के दौरान राज्य के राजस्व में 7.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी.
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