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Chaibasa : स्वास्थ्य विभाग के टेंडर में अनियमितता का आरोप, सिविल सर्जन ने कार्य पर लगाई रोक, जांच शुरू

पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की ब्रांडिंग और मरम्मत कार्य से जुड़े टेंडर में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने संबंधित कार्य पर तत्काल रोक लगा दी है.
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Shambhu Kumar

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की ब्रांडिंग और मरम्मत कार्य से जुड़े टेंडर में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने संबंधित कार्य पर तत्काल रोक लगा दी है. 

 

सिविल सर्जन ने कहा है कि प्रथम दृष्टया मामले में गड़बड़ी की आशंका प्रतीत हो रही है. पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

 

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जानकारी के अनुसार, जनवरी माह में जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की ब्रांडिंग और मरम्मत कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया था. फरवरी में वित्तीय निविदा खोली गई, लेकिन आरोप है कि इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन किए बिना मार्च में पलामू की राहुल इंटरप्राइजेज और चाईबासा के नीरज कुमार को कार्य आवंटित कर दिया गयाय 

 

आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में सफल अन्य 12 फर्मों को न तो कार्य आवंटन की जानकारी दी गई और न ही उन्हें काम दिया गया.  साथ ही ऑनलाइन टेंडर पोर्टल पर भी जरूरी जानकारी अपडेट नहीं की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. 

वहीं, टेंडर में शामिल अन्य फर्मों द्वारा जमा की गई करीब 12 लाख रुपये की अग्रिम राशि भी अब तक वापस नहीं किए जाने का आरोप है. 

 

जांच में जिसकी संलिप्तता सामने आएगी, उस पर कार्रवाई होगी

इधर मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि उन्होंने 26 मार्च को पदभार ग्रहण किया था और उसी दिन कार्य आवंटन किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है. यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जांच पूरी होने तक संबंधित कार्य पर रोक लगा दी गई है.


लगातार न्यूज में खबर प्रकाशित होने के बाद मामला हुआ उजागर

बता दें कि लाइव लगातार ने इस खबर को प्रमुखता से उजागर किया था. ''चाईबासा सदर अस्पताल में टेंडर निकला, 19 आवेदन आए, 14 फर्म योग्य मगर काम दो चहेती फर्मों को'' शीर्षक से खबर छपने के बाद सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी ने मामले में संज्ञान लिया और आवंटित कार्य पर तत्काल रोक लगा दी.

 

उन्होंने कहा है कि उनके स्तर से जांच की जा रही है. हालांकि सूत्रों की मानें तो जिन संवेदकों को कार्य आवंटित किया गया है, उनके द्वारा कार्य अब भी किया जा रहा है. कई जगहों पर कार्य भी पूरे कर लिये गये हैं.

 

नये भवनों की कराई जा रही रिपेरिंग

खबर है कि दो चहेते फर्मों को ऐसे भवनों की मरम्मति का कार्य दिया गया है, जो नए हैं और हाल ही में स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किये गये हैं. सभी नये भवनों में ब्रांडिंग के साथ-साथ कुल 13 कार्य किये जाने हैं, जिसमें शोट पीट निर्माण, डीप पीट निर्माण, रंग रोगन, रिपेयरिंग कार्य, इलेक्टिक वायरिंग, योगा शेड निर्माण, चहारदिवारी की मरम्मत, स्लेब और रैम्प निर्माण, खिड़की-दरवाजे की मरम्मति, फलोर रिपेयरिंग का कार्य शामिल है. ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि सिर्फ सरकारी राशि का दुरूपयोग करने और लाखों रूपये की राशि बंदरबांट करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है.

 

 

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