Lagatar Desk : भाजपा नेता दुष्यंत कुमार को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के आदेश के बाद विपक्षी दल हमलावर है. सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड कर रहा है. इसकी वजह दुष्यंत कुमार का नाम अंकिता भंडारी मर्डर केस से जुड़ा बताया जा रहा है. इसी साल जनवरी माह में दुष्यंत कुमार की संलिप्तता को लेकर उत्तराखंड सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की शिफारिश की थी. सीबीआई मामले की जांच कर रही है.
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2022 में हुई थी हत्या
अंकिता भंडारी की उम्र 21 साल थी. वह उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी. यह रिजॉर्ट भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे की थी. सितंबर 2022 को वह लापता हो गई. कुछ दिन बाद उसका शव ऋषिकेश के पास स्थित चीला नहर में मिला.
शव मिलने के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया. आरोप लगा कि वनतारा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और रिजॉर्ट के दो अन्य कर्मचारियों ने हत्या की. यह आरोप लगा कि तीनों ने अंकिता भंडारी पर किसी वीआईपी मेहमान को अतिरिक्त सर्विस देने को लेकर दवाब बनाया था. अंकिता भंडारी ने मना कर दिया था. इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा मिली.
अब क्यों हो रही चर्चा
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने दिसंबर 2025 में एक वीडियो व ऑडियो जारी किया था. जिससे यह पता चला कि जिस वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस देने के लिए अंकिता भंडारी पर दवाब बनाया गया था, उसका नाम गट्टू है. इस नाम को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम से जोड़ा गया. जिसके बाद उत्तराखंड में जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ. तब जनवरी महीने में उत्तराखंड सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की शिफारिश की.
अब उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गोदियाल सहित विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने को अंकिता के परिवार व उत्तराखंड की जनता की भावनाओं का अपमान बताया है. इसके साथ ही नेताओं ने इसके विरोध में मौन उपवास करने का एलान किया है.
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