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DSPMU के शिक्षक और छात्र ने साइकिल से तय किया 146 किमी का सफर, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Ranchi News : दोनों ने रांची से अपनी यात्रा शुरू की और नगड़ी, बेड़ो, भरनो, सिसई, गुमला, रायडीह और संख नदी होते हुए झारखंड-छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर जशपुर पहुंचे. जशपुर पहुंचने के बाद उन्होंने गवर्नमेंट आरबीआरएनईएस कॉलेज, कैलाश गुफा और जोहार एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण भी किया.
 
डीएसपीएमयू छात्र और शिक्षक

Ranchi News : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के अंग्रेजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर कर्मा कुमार और एमए अंग्रेजी सेमेस्टर-III के विद्यार्थी आदित्य कुमार ने साइकिल से रांची से छत्तीसगढ़ के जशपुर तक की लगभग 146 किलोमीटर की यात्रा पूरी की. इस यात्रा के माध्यम से दोनों ने पर्यावरण संरक्षण, शारीरिक स्वास्थ्य और सादगीपूर्ण जीवनशैली का संदेश दिया.

 

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दोनों ने रांची से अपनी यात्रा शुरू की और नगड़ी, बेड़ो, भरनो, सिसई, गुमला, रायडीह और संख नदी होते हुए झारखंड-छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर जशपुर पहुंचे. जशपुर पहुंचने के बाद उन्होंने गवर्नमेंट आरबीआरएनईएस कॉलेज, कैलाश गुफा और जोहार एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण भी किया.

 

इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य केवल पर्यटन तक सीमित नहीं था. इसके जरिए विद्यार्थियों और समाज को पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था.

 

उल्लेखनीय है कि कर्मा कुमार इससे पहले भी नेतरहाट, मां रजरप्पा मंदिर और देवड़ी मंदिर सहित झारखंड के कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की साइकिल यात्रा कर चुके हैं. उनकी ये यात्राएं युवाओं को साइकिल चलाने, स्वस्थ रहने और प्रकृति से जुड़ने का संदेश देती हैं.

 

आज के उपभोक्तावादी और दिखावे से भरे दौर में उनकी यह पहल सादगीपूर्ण जीवन का महत्व बताती है. उनका मानना है कि जीवन की वास्तविक समृद्धि भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य, आत्मानुशासन, प्रकृति के प्रति सम्मान और सरल जीवनशैली में है. व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.

 

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पियूषबाला, निदेशक जनसंपर्क डॉ. राजेश कुमार सिंह और खेल निदेशक डॉ. विनय भरत ने दोनों यात्रियों को बधाई दी.

 

खेल निदेशक डॉ. विनय भरत, कर्मा कुमार के शोध निर्देशक भी हैं. उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी की ऐसी संयुक्त यात्राएं शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों को सार्थक करती हैं. ये कक्षा की चारदीवारी से बाहर अनुभव, अनुशासन, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की व्यावहारिक शिक्षा देती हैं.

 

विश्वविद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि इस तरह की पहल से अन्य विद्यार्थी भी प्रेरित होंगे और युवा पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा सादगी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी.

 

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