Ranchi : जिस अवैध बालू स्टॉक की नीलामी के लिए रांची डीसी कार्यालय द्वारा पत्र जारी कर नीलामी का आदेश दिया गया था, वही बालू स्टॉक नीलामी से पहले ही गायब हो गया. अब पूरे मामले में जिला खनन पदाधिकारी (DMO) अबू हुसैन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
जानकारी के अनुसार रातू थाना क्षेत्र के चटकपुर स्थित अवैध बालू भंडारण को जिला प्रशासन ने जब्त किया था. प्रशासनिक दस्तावेजों में यहां भारी मात्रा में बालू स्टॉक होने का उल्लेख किया गया था और इसी स्टॉक की नीलामी के लिए आदेश भी जारी किया गया.

लेकिन जब टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो वहां हालात पूरी तरह अलग मिले. मौके पर मुश्किल से कुछ ट्रैक्टर बालू ही मौजूद था. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां बालू का बड़ा स्टॉक रखा हुआ था, लेकिन अचानक रातों-रात पूरा बालू गायब हो गया.
मामले को लेकर जब डीएमओ से सवाल किया गया तो उन्होंने बालू हटाने या उठाव कराने से इनकार किया. हालांकि स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से बालू का उठाव कराया गया है.
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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन की निगरानी में जब्त किया गया 90 हजार घनफीट बालू आखिर गया कहां? यदि नीलामी से पहले ही स्टॉक गायब हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? पूरा मामला अब प्रशासनिक कार्यशैली और खनन विभाग की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.
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