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फर्जी रॉयल्टी सर्टिफिकेट मामला : चतरा DMO ने IRCON के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी

चतरा DMO ने भी रॉयल्टी भुगतान के फर्जी सर्टिफिकेट के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें चतरा DMO ने IRCON के मुख्य महाप्रबंधक मोहन सिंह और राजा कंस्ट्रक्शन सहित अन्य को अभियुक्त बनाया है.
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Ranchi :   चतरा DMO ने भी रॉयल्टी भुगतान के फर्जी सर्टिफिकेट के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें चतरा DMO ने IRCON के मुख्य महाप्रबंधक मोहन सिंह और राजा कंस्ट्रक्शन सहित अन्य को अभियुक्त बनाया है.

 

साथ ही राजा कंस्ट्रक्शन पर अपने (मनोज टोप्पो) और पूर्व DMO गोपाल कुमार दास के फर्जी हस्ताक्षर से रॉयल्टी पेमेंट सर्टिफिकेट बनाने का आरोप लगाया है. इस जालसाजी में मोहन सिंह की भूमिका संदेहास्पद बतायी गयी है. इससे पहले मोहन सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें DMO कार्यालय के कर्मचारी और राजा कंस्ट्रक्शन को अभियुक्त बनाया गया था.

 

 

जिला खनन पदाधिकारी द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में भारत सरकार के लोक उपक्रम IRCON के अधिकारियों, मुख्य महाप्रबंधक मोहन सिहं, राजा कंस्ट्रक्शन और अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया है.

 

DMO द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि IRCON द्वारा शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें इस्तेमाल मिट्टी के लिए रॉयल्टी का भुगतान किया जाना है.  इस सिलसिले में 2 मई 2025 को IRCON से ठेकेदार राजा कंस्ट्रक्शन द्वारा इस्तेमाल मिट्टी और रॉयल्टी भुगतान से संबंधित ब्योरा मांगा गया.

 

जवाब में IRCON द्वारा यह सूचित किया गया कि राजा कंस्ट्रक्शन ने 45.50 लाख घनमीटर मिट्टी के इस्तेमाल और रॉयल्टी भुगतान से संबंधित 16 सर्टिफिकेट और 12 सत्यापन प्रतिवेदन जमा किया है. जिला खनन कार्यालय में IRCON द्वारा दिये गये ब्योरे की जांच की गई. इसमें इसे फर्जी पाया गया.

 

सभी सर्टिफिकेट के फर्जी पाये जाने की सूचना IRCON को दी गयी. जवाब में IRCON ने जानकारी दी कि राजा कंस्ट्रक्शन ने रॉयल्टी मद में 17.29 करोड़ रुपये ले लिया है. उसने पैसा वापस करने की बात कही है. इससे यह प्रतीत होता है कि राजा कंस्ट्रक्शन ने खनन कार्यालय को रॉयल्टी मद में कोई भुगतान नहीं किया है.

 

प्राथमिकी में कहा गया है कि जिला खनन कार्यालय के मेल आईडी से अप्रैल 2024 में तीन बार, नवंबर 2014 में एक बार और फरवरी 2025 मे एक बाद रॉयल्टी भुगतान के लिए सूचित किया जाता रहा. लेकिन IRCON द्वारा इन पत्रों का जवाब नहीं दिया गया.

 

प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि IRCON ने राजा कंस्ट्रक्शन द्वारा जमा किये गये रॉयल्टी पेमेंट सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए जिला खनन कार्यालय के ऑफिशियल मेल पर या डाक से कोई पत्र नहीं भेजा गया. IRCON ने फर्जी सत्यापन प्रमाण पत्र के आधार पर ही राजा कंस्ट्रक्शन को भुगतान कर दिया.

 

इससे प्रतीत होता है कि संवेदक द्वारा वर्तमान जिला खनन पदाधिकारी मनोज कुमार टोप्पो और पूर्व जिला खनन पदाधिकारी गोपाल कुमार दास के फर्जी हस्ताक्षर से रॉयल्टी भुगतान और सत्यापन प्रतिवेदन IRCON को जमा किया.

 

इस जालसाजी में IRCON के पदाधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद प्रतीत होता है. जिला खनन पदाधिकारी द्वारा की गयी इस लिखित शिकायत के आधार पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.

 

 

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