इसे भी पढ़ें : विपक्ष">https://lagatar.in/when-the-opposition-attacked-the-army-came-in-front-said-caste-certificate-was-sought-earlier-also-there-is-no-change-in-the-rules-for-agniveer/">विपक्षअभी कुछ ही देर पहले मित्र फिल्ममेकर अविनाश दास को अपने घर से निकलते ही मढ़ जेटी से गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच के लोग उठाकर ले गए। उनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस को यह नहीं करना था। हम लोग जरूरी कानूनी सलाह ले रहे हैं। सूचनार्थ। #ISupportAvinashDas">https://twitter.com/hashtag/ISupportAvinashDas?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#ISupportAvinashDas
">https://t.co/z6G5hLvtzh">pic.twitter.com/z6G5hLvtzh
pic.twitter.com/z6G5hLvtzh
— Ramkumar Singh (@indiark) July">https://twitter.com/indiark/status/1549302739619852289?ref_src=twsrc%5Etfw">July
19, 2022
हुआ हमलावर तो सेना आयी सामने, कहा, जाति प्रमाण पत्र पहले भी मांगा जाता था, अग्निवीर के लिए नियमों में बदलाव नहीं
फेक खबर फैलाने के लिए जालसाजी का मामला दर्ज किया गया
अविनाश पर कथित तौर पर फेक खबर फैलाने के लिए जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है. अविनाश दास ने झारखंड की निलंबित IAS पूजा सिंघल के साथ देश के गृह मंत्री अमित शाह की फोटो शेयर की थी. इस मामले में फिल्मकार के खिलाफ अहमदाबाद में एक एफआईआर दर्ज की गयी थी. इसके अलावा अविनाश पर तिरंगे को अपमान करने का भी आरोप लगा है. बता दें कि अविनाश का झारखंड से भी नाता रहा है. वह यहां पत्रकारिता कर चुके हैं. रामकुमार के अनुसार अविनाश दास को गुजरात पुलिस ने उनके घर से निकलते ही उठा लिया. उन्होंने लिखा- अभी कुछ ही देर पहले मित्र फिल्ममेकर अविनाश दास को अपने घर से निकलते ही मढ़ जेटी से गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच के लोग उठाकर ले गये. कहा कि उनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. पुलिस को यह नहीं करना था. रामकुमार के असार वे लोग जरूरी कानूनी सलाह ले रहे हैं. इसे भी पढ़ें : नूपुर">https://lagatar.in/big-relief-to-nupur-sharma-from-supreme-court-stay-on-arrest-till-august-18/">नूपुरशर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 18 अगस्त तक गिरफ्तारी पर रोक
अविनाश को राहत के लिए सही फोरम में जाना चाहिए
खबरों के अनुसार अविनाश की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस भारती डांगरे कहा था कि अविनाश को राहत के लिए सही फोरम में जाना चाहिए. सुनवाई के क्रम में जस्टिस डांगरे ने यह भी कहा कि अहमदाबाद, जहां दास के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, मुंबई से बहुत ज्यादा दूर नहीं है. इसीलिए दास को गिरफ्तारी या इस मामले से संबंधित किसी गिरफ्तारी या उससे बचने के लिए अहमदाबाद की ही अदालत में जाना चाहिए. इसे भी पढ़ें : हरियाणा">https://lagatar.in/haryana-mining-mafia-is-not-afraid-of-law-dsp-surendra-singh-who-went-to-stop-the-dumper-was-crushed-to-death/">हरियाणा: खनन माफिया को कानून का भय नहीं, डंपर रोकने गये डीएसपी सुरेंद्र सिंह को कुचल कर मार डाला

Leave a Comment