Ranchi: राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ट्रेजरी से फर्जी निकासी के मामले में किसी सिंडिकेट के सक्रिय होने की आशंका जताई है. साथ ही निकासी के मामले में DDO की जिम्मेवारी तय नहीं किये जाने की बात कही है. इन बातों का उल्लेख उन्होंने वित्त सचिव को लिखे पत्र में किया है.
वित्त सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट के आधार पर जांच के दौरान बोकारो, हजारीबाग और पलामू में अवैध निकासी का मामला सामने में आया है. अवैध निकासी के तीनों मामले पुलिस से जुड़ी है. मंत्री ने इसे देखने को कहा है.
वित्त मंत्री ने सचिव को लिखे पत्र में DDO की भूमिका का भी उल्लेख किया है. उन्होंने लिखा कि संभवतः अवैध निकासी के इन मामलों में अब तक किसी DDO की जिम्मेवारी तय नहीं की गई है. जबकि DDO को इस बात की जानकारी होती है कि कार्यालय में स्वीकृत पद कितना है और कितने लोग कार्यरत हैं.
इनमें से किसे किस खाते में भुगतान किया जा ररा है. कितना आवंटन मिला है और कितने की निकासी हो रही है. इन सभी बिंदुओं पर संतुष्ट होने के बाद DDO द्वारा प्रमाण पत्र देने का प्रावधान है. झारखंड ट्रेजरी कोड में ग़लत भुगतान की पूरी जिम्मेवरी DDO की निर्धारित की गयी है.
बोकारो-हजारीबाग में फर्जी ट्रेजरी निकासी मामले की CID जांच के आदेश
हजारीबाग और बोकारो में सामने आए फर्जी ट्रेजरी निकासी घोटाले की जांच अब सीआईडी करेगी. सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात बैठक कर सीआईडी को जांच का आदेश दिया है.
साथ ही ट्रेजरी और संबंधित एसपी कार्यालयों के खातों का विशेष ऑडिट कराने का भी निर्णय लिया गया है. इसको लेकर सीआईडी ने अब एक टीम गठित कर जांच करेगी. बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन,मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के सचिव सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
प्रारंभिक जानकारी में करोड़ों रुपये की संदिग्ध निकासी की बात सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है. सीआईडी टीम वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी.
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