Patna News : नेपाल में आई बाढ़ और तबाही का असर अब बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है. गया जिले के झारखंड सीमावर्ती इलाके में लगातार हो रही तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. मंझौली पंचायत में भुतही नदी के जल स्तर बढ़ने से जीतावारी गांव के पास पाइप से बनी पुलिया बह गई.
ग्रामीणों के अनुसार एक साल में चार बार यह पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है. एक महीने के अंदर दूसरी बार यह पुलिया बह गई है. पुलिया टूटने से करीब 12 गांवों के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
गयाजी इलाके में हुई भरी बारिश से भुतही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. तेज बहाव के कारण पाइप से बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई. इस कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल लाखों रुपये खर्च कर अस्थायी पुलिया तैयार की जाती है, लेकिन तेज बारिश आते ही वह बह जाती है. ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से नदी पर पुल बनाने की मांग की है. लोगों को उम्मीद थी कि बरसात के दौरान उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन तेज बारिश ने एक बार फिर इस व्यवस्था की पोल खोल दी.
पुलिया के बहने से लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं. स्कूली बच्चे भी पढ़ाई के लिए नदी पार करके आने-जाने को मजबूर हैं. इसके अलावा किसानों, मरीजों और आम लोगों को बाजार जाने और अन्य जरूरी कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.
बता दें कि नेपाल में तबाही मचाने के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका के बीच हाई अलर्ट है. इस बीच गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए है, ताकि पानी कम किया जा सके. बुधवार देर रात बैराज से करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
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