Ramgarh News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी रविवार को रामगढ़ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने छात्र आंदोलन और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा.
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बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 26 दिनों तक छात्र संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का काम किया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को पूरे राज्य में पुतला दहन करने के कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई, लेकिन इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय छात्रों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया.
आगे उन्होंने कहा कि छात्रों के घर जाकर उनके माता-पिता को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से मांग की कि छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को जल्द से जल्द वापस लिया जाए और उनके परिवारों को परेशान करना बंद किया जाए.
बाबूलाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान सत्तारूढ़ दल के कुछ लोगों ने लाठी-डंडे लेकर छात्रों के साथ मारपीट की, बावजूद इसके पुलिस ने उनके खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की.
बाबूलाल मरांडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में पूरे झारखंड में छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.
उन्होंने रामगढ़ में झामुमो नेता विनोद किस्कू के कथित बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पुतला जलाने वालों के साथ मारपीट करने की बात कही गई थी. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की जिम्मेदारी क्या है?
बाबूलाल मरांडी ने दोहराया कि सरकार तत्काल छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस ले और उनके माता-पिता को परेशान करना बंद करे.
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