Lagatar Desk : विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की. साथ ही यह भी मांग की कि उन्होंने जो अनैतिक व गैरकानूनी काम किये हैं, उसकी जांच की जाये. ज्ञानेश कुमार ने जो साजिश किया, उसमें पीएम मोदी और गृह मंत्री की संलिप्तता की भी जांच हो.
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह के उस वक्तव्य से की, जिसमें वह अगले 50 सालों तक सरकार में रहने का दावा कर रहे थे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो दिखाया, जिसमें वह अबकी बार 400 पार का नारा दे रहे थे.
महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात हर जगह एंटी इनकंबेंसी काम नहीं करता. क्या यह सब एक व्यक्ति के पॉपुलर होने की वजह से हो रहा है. सरकार के काम की वजह से हो रहा है. जहां एंटी इनकंबेंसी नहीं चलता, वहां लोकतंत्र नहीं हो सकता. दुनिया में कहीं भी देख लें.
वोट हमारे लोकतंत्र की नींव है. संविधान, क़ानून व संस्थाओं को वोट से ही अधिकार मिलते हैं. यह बदल गया है. अब संस्थाएं वोट का अधिकार तय कर रही हैं. संविधान को कमजोर कर अनैतिक कानून के तहत संस्थाओं पर कब्जा किया गया. इस तरह देश के हर व्यक्ति का अधिकार छीन लिया गया.
चुनाव आयोग देश के हर व्यक्ति के वोट का संरक्षक है. यदि वोट को ही खत्म कर दिया जाये तो संविधान कैसे फंक्शन करेगा. राहुल गांधी ने 19 लोगों की तस्वीर जारी करते हुए कहा कि ये वही लोग हैं, जो लोकसभा और विधानसभा चुनाव को मैनेज कर रहे हैं. तस्वीरों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर भी शामिल थी.
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कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री और अमित शाह ने चुना है. ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर रहकर गलत तरीके से काम कर रहे हैं. दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से यह स्पष्ट हो गया है.
उन्होंने आगे कहा कि वोट खत्म होने का मतलब है कि कानून भी खत्म हो गया. अगर वोट चोरी हो गया तो जो सांसद संसद में जा रहे हैं, वह जो भी कानून बना रहे हैं, वह अवैध है. वह जो भी बदलाव कर रहे हैं, वह अवैध हैं.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि 21 दिसंबर 2023 को एक कानून पास किया गया. कानून यह कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा. 7 फरवरी 2025 को मैंने महाराष्ट्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के सबूत पेश किए.
7 अगस्त 2025 को मैंने मधेपुरा विधानसभा में वोट चोरी के सबूत पेश किए. फिर मैंने वोट अधिकार यात्रा निकाली. इसके बाद 18 सितंबर को आलंद विधानसभा में वोट चोरी के सबूत दिये. उसी दौरान 5 नवंबर 2025 को हमने हरियाणा में वोट चोरी के सबूत दिये.
राहुल गांधी ने बताया कि विदेशी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हैं. उनके नाम से वोट डलवाया गया. यह वोट चोरी ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया है. 23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस ने पड़ताल करके खबर प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया कि कैसे दो चुनाव आयुक्तों की 10 दिन में 14 आपत्तियों को मुख्य चुनाव आयुक्त ने दरकिनार किया.
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