- सरकार को मिला 8 सप्ताह का समय
Ranchi News : बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय लड़की के लापता होने एवं बाद में उसका कंकाल मिलने से संबंधित मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को 8 सप्ताह में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई अनुसंधान की फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 5 जनवरी 2028 को होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विंसेंट रोहित मार्की ने पक्ष रखा.
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क्या है पूरा मामला
बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय लड़की जुलाई 2025 में लापता हो गई थी. परिजनों ने बार-बार पुलिस से संपर्क किया, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद पीड़िता की मां ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की.
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जंगल से लड़की के कंकाल को बरामद किया. पुलिस का आरोप है कि उसके पूर्व प्रेमी ने उसकी हत्या की थी. कोर्ट ने शव के अवशेषों और माता-पिता के DNA की तुलना कराने का भी आदेश दिया था.
28 पुलिसकर्मियों पर लटकी तलवार
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि जांच में पिंडराजोरा थाने में तैनात सभी 28 पुलिसकर्मियों की ओर से कर्तव्य में लापरवाही के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं. इसके बाद बोकारो के पुलिस अधीक्षक के आदेश से उन्हें निलंबित किया गया है.
हाईकोर्ट ने सवाल उठाया था कि जब लड़की की तलाश नहीं हो रही थी और उसके माता-पिता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही थी, तब जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी क्या कर रहे थे? कोर्ट ने कहा था कि आरोपी को जल्दी गिरफ्तार करने के लिए प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हुई, इसकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस महानिदेशक ने विशेष शाखा के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कथित लापरवाही की व्यापक जांच का आदेश दिया था.
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