Search

 
 
 

Court News : स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले में सुनवाई पूरी, आदेश सुरक्षित

Ranchi News : हालांकि मामले में जेएसएससी एवं राज्य सरकार से कमीशन ने कुछ आपत्तियों पर इन दोनों से जवाब मांगा था. जिसे दाखिल नहीं किया जा सका था. जिस पर कमीशन ने असंतुष्टि जताई. मामले में प्रार्थियों की ओर से कमीशन द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए.
 
पुराना हाईकोर्ट

Ranchi News : वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने शिक्षक नियुक्ति से जुड़े (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016) मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के पुराने भवन में की. मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.

 

इसे भी पढ़ें...

 

हालांकि मामले में जेएसएससी एवं राज्य सरकार से कमीशन ने कुछ आपत्तियों पर इन दोनों से जवाब मांगा था. जिसे दाखिल नहीं किया जा सका था. जिस पर कमीशन ने असंतुष्टि जताई. मामले में प्रार्थियों की ओर से कमीशन द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए. 

 

कमीशन ने 2 अगस्त 2022 के बाद नियुक्त हुए अभ्यर्थियों से अधिक अंक लाने वाले प्रार्थियों से कोटिवार एवं विषयवार अपने-अपने अंकों का विवरणों को एक फॉर्मेट में मांगा था. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अधिवक्ता राजेश कुमार,  अधिवक्ता अमृतांश वत्स एवं अन्य ने कमीशन के समक्ष अपना पक्ष रखा.

 

बता दें कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मीना कुमारी और अन्य के मामले में 257 याचिका पर फैसला सुनाते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को 3 माह में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

 

कमेटी का अध्यक्ष हाईकोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को बनाया गया है. हालांकि जांच रिपोर्ट पेश करने का फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का निर्धारित समय पूरा हो गया था, इसके बाद न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने इस समय सीमा को 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया है.

 

उल्लेखनीय हैं कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन द्वारा हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच की जा रही है. वर्ष 2016 में जेएसएससी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी. इसके माध्यम से 17786 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी.  लगभग 10000 सीटों पर नियुक्ति हुई है.

 

शेष पद रिक्त पड़े हुए हैं. यह नियुक्ति जिलावर मेरिट लिस्ट और स्टेट वाइज मेरिट लिस्ट के आधार पर की गई है. एक ही नियुक्ति परीक्षा में दो तरह का मेरिट लिस्ट होने से हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हो गए हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही