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लोकायुक्त सहित अन्य संवैधानिक पदों पर नियुक्ति मामले में अब हाईकोर्ट में 23 मार्च को सुनवाई

Ranchi :  राज्य में लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त सहित अन्य संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के संबंध में दायर जनहित याचिका एवं राजकुमार की अवमानना याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को हुई.

 

मामले में कोर्ट ने कहा कि पिछले 4 साल से सरकार की ओर से केवल समय मांगा जा रहा है. इन पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है. सरकार की ओर से कहा गया कि अभी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार हमेशा इस मामले में परेशानी बताकर मामला टाल रही है.  

 

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस  सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा. वहीं प्रार्थी राजकुमार की ओर से वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने पक्ष रखा. 

 

 

कोर्ट ने नियुक्ति नहीं किए जाने पर जताई नाराजगी

कोर्ट ने संवैधानिक पदों पर नियुक्ति नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालत इस मामले में कड़ा आदेश पारित नहीं करना है चाहती है. लेकिन सरकार इस मामले को लंबे समय से टालकर कोर्ट को कड़ा आदेश देने के लिए मजबूर कर रही है. वहीं प्रार्थी राजकुमार की ओर की ओर से कहा गया कि सरकार ने 50 से अधिक बार का समय लिया है.

 

जबकि राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता  राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया की संवैधानिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द करने की कोशिश की जा रही है. लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता का होना जरूरी है. वह अभी विधानसभा सत्र में बिजी हैं. 

 

 

6 सप्ताह में लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को 6 सप्ताह में लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश दिया था. साथ ही मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त  सहित अन्य  संवैधानिक पदों पर कब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी, सरकार को शपथ पत्र दाखिल कर 4 सप्ताह में इसका जवाब देने का निर्देश दिया था. 

 

पिछली सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने कोर्ट को बताया गया कि इन पदों पर नियुक्तियों पर राज्य सरकार टालमटोल की रवैया अपना रही है. पिछले कई साल से सरकार की ओर से केवल समय मांगा जा रहा है.  इन पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है.  
 

3 से 5 साल से खाली पड़े हैं कई पद

वहीं इससे पूर्व सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से कहा गया था कि लोकायुक्त,  मानवाधिकार आयोग,राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त सहित कई संवैधानिक संस्थाओं के पद 3 से 5 साल से खाली पड़े हैं.

 

लेकिन इन्हें अब तक इसे नहीं भरा जा सका है, इसे जल्द भर जाए. जिस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग,राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है.

 

बता दें कि राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित राजकुमार की अवमानना याचिका समेत राज्य के 12 संवैधानिक संस्थाओं में अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद रिक्त रहने को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई.

 

 

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